हिसार। जिले में इस वर्ष 3 लाख 50 हजार क्विंटल के मुकाबले करीब 4 लाख क्विंटल सरसों खरीद का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही इस बार सरसों के दाम तेज रहने के भी आसार जताए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष सरसों खरीद पर करीब 318 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इस बार करीब 350 करोड़ रुपये की सरसों खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो जिले में भी लागू होगा। पिछले साल सरसों की खरीद 5,900 से 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक हुई थी। इस बार सरकारी रेट 6,200 रुपये तय होने के बावजूद निजी एजेंसियों द्वारा अधिक दाम पर खरीद किए जाने की संभावना है।
जिले में मुख्य नई अनाज मंडी सहित कुल 13 मंडियां हैं। मार्च माह से मंडियों में सरसों की आवक शुरू होने की उम्मीद है। सरसों उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए प्रति एकड़ पैदावार बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बेहतर मुनाफे को देखते हुए किसान उच्च उत्पादकता वाले बीजों का उपयोग कर रहे हैं।
हेफेड व वेयरहाउस करती हैं मुख्य खरीद
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विभाग के तहत हेफेड व वेयरहाउस मुख्य रूप से सरसों की खरीद करती हैं। पिछले साल सरकारी एजेंसियों के अलावा निजी एजेंसियों ने 1 लाख 42 हजार क्विंटल सरसों की खरीद की थी। निजी एजेंसियों ने बाजार की स्थिति के अनुसार तेज व कम दाम पर खरीद की।
इन मंडियों में खुली बोली पर होती है खरीद
जिले की आदमपुर, बरवाला और हांसी मंडियों में सरसों की खरीद अधिक होती है। इन तीनों बड़ी मंडियों में व्यापारियों द्वारा खुली बोली के माध्यम से खरीद की जाती है, जबकि हिसार मंडी में खरीद ज्यादातर सरकारी रेट के आसपास ही होती है।
इस बार करीब 4 लाख क्विंटल सरसों खरीद का लक्ष्य रखा गया है। मंडी में खरीद प्रक्रिया सामान्यतः मार्च से शुरू हो जाती है, लेकिन अभी तक विभाग या सरकार की ओर से खरीद तिथि को लेकर कोई आधिकारिक सूचना या आदेश जारी नहीं हुए हैं।
- अशोक कुमार, सुपरवाइजर, नई अनाज मंडी, हिसार।