नारनौंद क्षेत्र सुनसान एरिया में खांडा मोड़ पर लगे एटीएम को तोड़ने का प्रयास करत पांच युवकों को सीआईए की टीम ने गिरफ्तार किया है।
सीआईए की टीम शनिवार अल सुबह करीब तीन बजे रात्रि गश्त पर निकली थी। सीआईए इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि एएसआई संजय की टीम में शामिल वीरेंद्र, हेड कांस्टेबल संजय कुमार, संदीप कुमार और बलदेव रात्रि गश्त पर निकले थे।
जब ये खांडा मोड़ पर पहुंचे तो पांचों युवक उन्हें देखकर भागने लगे। पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया और उनसे एटीएम तोड़ने के लिए लाए गए औजार भी बरामद कर लिए हैं। सीआईए ने पांचों युवकों पर एटीएम लूट के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
अखबार पढ़कर आया आइडिया
चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात करने जा रहे युवकों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा था कि एटीएम चोरी करने और पेट्रोल पंपों पर वारदात करने वाले लुटेरे पकड़े नहीं जा रहे हैं, क्यों न वे भी एटीएम लूटकर लाखों रुपये कमा लें।
गिरफ्तार युवकों के पास सीसीटीवी कैमरे में मारने के लिए ब्लैक स्प्रे, एटीएम तोड़ने के लिए रॉड, दस्ताने, कैप और अन्य लोहे के औजार मिले हैं।
पकड़े गए युवकों में टोहाना के समैण गांव निवासी रामनिवास, हांसी एरिया के गुराना निवासी अनिल, मंजीत, संदीप और बालसमंद एरिया के सरसाना का रविंद्र शामिल हैं। रविंद्र जाट कॉलेज हिसार में बीए फाइनल वर्ष में पढ़ता है।
15 दिन पहले शराब पार्टी कर बनाया था प्लान
युवकों ने कबूल किया है कि सभी युवकों ने करीब 15 दिन पहले अखबारों से लिए आइडिया के अनुसार प्लान बनाया था।
इसके लिए सभी ने मिलकर बरवाला में बैठकर शराब पार्टी की। इसके बाद युवकों ने बरवाला में रेकी की, लेकिन कोई ऐसा एटीएम उन्हें नहीं मिला, जिसे आसानी से तोड़ा जा सके।
युवकों ने पूछताछ में बताया कि फिर उन्होंने सुनसान जगह पर नारनौंद क्षेत्र खांडा मोड़ पर लगे एटीएम को तोड़ने का प्लान बनाया।
यह एटीएम अकसर शाम होते ही बंद हो जाता था। सिक्योरिटी गार्ड न होने पर उनके लिए यह एटीएम तोड़ना आसान था। युवकों का कहना है कि सेफ्टी देखते हुए उन्होंने इसे ही तोड़ने का प्लान फाइनल कर दिया।
तीन बजे पहुंचे वारदात को अंजाम देने, पकड़े गए
सीआईए इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि रात्रि गश्त करते समय एएसआई संजय की टीम में शामिल वीरेंद्र, हेड कांस्टेबल संजय कुमार, संदीप कुमार और बलदेव ने इन युवकों को गिरफ्तार किया है।
युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया और उनसे एटीएम तोड़ने के लिए लाए गए औजार बरामद कर लिए।
सिंगर बनने की चाह में उठाया कदम
जाट कॉलेज के बीए फाइन ईयर के छात्र रविंद्र ने बताया है कि वह पंक म्यूजिक सेंटर में गायन सीख रहा है। उसकी तमन्ना थी कि वह एक अच्छा सिंगर बने, जिसके लिए उसे रुपयों की जरूरत थी।
पिता भी नौकरी करते हैं, लेकिन उन्होंने खुद अपना खर्च उठाने की सोची। दोस्तों के साथ मिलकर उन्होंने प्लान बनाया और वारदात करने निकल पड़े।
नेशनल लेवल का पहलवान भी शामिल
समैण निवासी रामनिवास का कहना है कि वह कुश्ती नेशनल स्तर पर खेल चुका है। उसने कुश्ती की कोचिंग रोहतक के अखाड़े में ली है।
रामनिवास ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसके पैर के टखने बार-बार उतरने की समस्या के चलते उसे कुश्ती छोड़नी पड़ी। खेल छोड़ने के बाद उसके सामने बेरोजगारी की समस्या आ गई और इन दोस्तों से मुलाकात हो गई।
नॉन मेडिकल में री आने के बाद हुआ वारदात में शामिल
वारदात करने जा रहे युवक अनिल ने बताया कि वह नॉन मेडिकल का 12 कक्षा का छात्र था। उसकी 12वीं कक्षा में री आ गई।
री आने के बाद उसका मन बदल गया और पढ़ाई छोड़कर उसने पहली बार लूट की वारदात करने का प्लान बना लिया।
बरवाला के मेडिकल स्टोर से खरीदे दस्ताने
युवकों ने बताया है कि उन्होंने बरवाला के एक मेडिकल स्टोर से सभी के लिए दस्ताने खरीदे। ये दस्ताने उन्होंने इसलिए खरीदे, ताकि वारदात करते समय उनकी अंगुलियों के निशान किसी चीज पर न आए।
चेहरा पहचान में न आए, इसके लिए उन्होंने चेहरे और सिर को ढकने वाली कैप भी ली और कैमरे में वारदात कैद न हो, इसके लिए उन्होंने ब्लैक रंग का स्प्रे भी खरीदा।