रेलवे स्टेशन पर रोजाना 10 हजार से ज्यादा यात्री सफर के लिए पहुंचते हैं। मगर यहां किसी प्रकार की कोई चेकिंग तक नहीं की जा रही है। हालात यह है कि स्टेशन पर पुलिस बूथ तक नहीं है। जीआरपी और आरपीएफ में स्टाफ की कमी है। कई बार तो रेलवे स्टेशन पर एक भी पुलिस कर्मी दिखाई तक नहीं देता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बता दें कि आरपीएफ और जीआरपी में स्टाफ की कमी के कारण स्टेशन पर चेकिंग कार्य प्रभावित हो रहा है। जीआरपी की बात करे तो यहां 25 से 30 पुलिस कर्मचारियों का स्टाफ है। जबकि 50 से 60 कर्मचारियों का स्टाफ होना चाहिए। इसी प्रकार आरपीएफ में भी स्टाफ की कमी है। कुछ माह पहले आरपीएफ से एसएचओ बीरबल, मुंशी सहित अन्य कर्मचारियों का ट्रांसफर हुआ था।
यात्री भी असमंजस की स्थिति में, कहां दर्ज करवाएं शिकायत
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक पर आरपीएफ थाना बना हुआ है। मगर जीआरपी का थाना रेलवे कॉलोनी में है। ऐसे में स्टेशन पर पुलिस बूथ नहीं होने के कारण यात्री भी असमंजस की स्थिति में रहते हैं कि वह अपनी शिकायत किसको और कहां पर दें। जबकि चोरी, छीना-झपटी, ट्रेन से कटने की शिकायत जीआरपी में ही दर्ज होती है। मगर शिकायत दर्ज करवाने यात्री आरपीएफ में पहुंचते हैं। यहां से जवाब मिलता है कि जीआरपी में ही शिकायत दें। लेकिन यात्रियों को नहीं पता कि जीआरपी थाना कौन सी जगह है। रेलवे स्टेशन पर पुलिस बूथ नहीं होने के कारण यात्रियों को शिकायत दर्ज करवाने में परेशानी होती है। कई बार यात्री भी रेलवे के आलाधिकारियों से पुलिस बूथ बनवाने की मांग कर चुके हैं।
रेलवे स्टेशन पर पुलिस बूथ बनवाने के लिए मांग पत्र भेजा हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही स्टेशन पर पुलिस बूथ बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को शिकायत देने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
- हरपाल, एसएचओ, जीआरपी