अपराधियों को देख पुलिस हाथ पीछे खींच रही है। इसे पुलिस की बड़ी लापरवाही कहेंगे या फिर सेवा सुरक्षा और सहयोग का दावा करने वाली पुलिस का अपराधियों को सहयोग। बीती रात पुलिस की गिरफ्त में आया टाउन पार्क के नजदीक से पकड़ा गया स्नेचर पुलिस ने शिकायत न मिलने पर छोड़ दिया।
इसका अंजाम फिर किसी शहरवासी को भुगतना पड़ गया। स्नेचर ने रात को चौकी से छूटते ही सुबह सब्जी मंडी में एक महिला टीचर की चेन झपट ली। महिला ने शोर मचाया तो आसपास के लोगों ने उसे फिर पकड़ लिया और जमकर धुनाई कर डाली। लोगों ने आरोपी युवक को डोगरान मोहल्ला चौकी पुलिस को सौंप दिया।
सेक्टर 16-17 निवासी टीचर ललिता गुप्ता अपनी बेटी साक्षी के साथ सब्जी मंडी में खरीदारी करने के लिए आई हुई थी। रेहड़ी पर टीचर सब्जी खरीद रही थी। अचानक एक युवक आया और गले से टीचर की चेन झपट ली।
बेटी साक्षी और टीचर ललिता शोर मचाते हुए युवक के पीछे दौड़ पड़ी। आसपास के लोगों ने युवक को दबोच लिया और झपटी गई चेन बरामद कर पुलिस को दे दी।
मौके पर मौजूद लोगों ने युवक की जमकर धुनाई कर डाली। सूचना मिलते ही डोगरान मोहल्ला चौकी इंचार्ज छत्रपाल सिंह पहुंचे। उन्होंने युवक को मारपीट कर रही भीड़ से छुड़वाया और हिरासत मे ले लिया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम विक्रम बताया है और कैमरी रोड एरिया में रहता है। पुलिस ने पकड़े आरोपी का स्नेचिंग गिरोह से तार जोड़कर तफ्तीश में जुटी है।
टीचर की साढ़े 13 ग्राम की चेन मिल जाने पर उसने शिकायत देने से भी इनकार कर दिया। आसपास खड़े लोगों ने जब दबाव बनाया तो शिक्षिका शिकायत देने के लिए राजी हुई। बाद में महिला के पति प्रदीप गुप्ता ने पुलिस को लिखित में शिकायत दी। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी विक्रम से पूछताछ की है। पूछताछ में युवक ने इस तरह की वारदात अंजाम देने वाले कई और युवकों के नाम का खुलासा किया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गैंग को काबू किए जाने से कई और स्नेचिंग, चोरी और लूट की वारदात सुलझ सकती है।
पीएलए चौकी में अगर ऐसा हुआ है तो मामला गंभीर है। डीएसपी हेड क्वार्टर मामले की जांच करेंगे। चौकी इंचार्ज की लापरवाही मिली तो उसे सस्पेंड किया जाएगा।
एसपी शिवास कविराज।
इन सवालों के चाहिए जवाब
-आखिर पुलिस ने क्यों छोड़ा युवक को
-अपने स्तर पर पुलिस ने क्यों नहीं किया मामला दर्ज।
-लगातार घटनाएं होने के बावजूद क्यों नहीं की गई पड़ताल।
- रसूखदार परिवार का तो नहीं पकड़ा गया स्नेचर।