हांसी। कड़ाके की ठंड और स्मॉग से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। नागरिक अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में सामान्य दिनों के मुकाबले सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा और पुरानी खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30 से 40 मरीज इसी समस्या के साथ पहुंच रहे हैं जिनमें सबसे अधिक संख्या बुजुर्गों और बच्चों की है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवा सीधे श्वसन तंत्र पर असर डालती हैं और फेफड़ों की नलियां सिकुड़ जाती हैं। इसके कारण अस्थमा के अटैक बढ़ रहे हैं और हार्ट के मरीजों के लिए जोखिम भी बढ़ गया है।
सामान्य ओपीडी में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस (फेफड़ों तक जाने वाली नलियों का संक्रमण) और छाती में जकड़न की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। तापमान में आई गिरावट के कारण सांस संबंधी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
ठंड से बचाव के लिए यह उपाय अपनाएं :
नागरिक अस्पताल के डॉ. विशेष न्यौलिया ने सलाह दी है कि शरीर को अंदर से गर्म रखें, गुनगुना पानी पिएं और विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का सेवन करें। बीपी और अस्थमा के मरीज अपनी दवाओं में लापरवाही न करें। घर से बाहर केवल जरूरी होने पर ही निकलें और नाक-मुंह को ढककर रखें। आपातकालीन स्थिति में रोगी को तुरंत नागरिक अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाए।