ढाणा कलां में प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में एकजुट ग्रामीण।
हांसी। ढाणा कलां गांव में वीरवार को जमीन की निशानदेही करने गई पुलिस और प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके कारण उन्हें अपनी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इस दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई। घटनास्थल पर माहौल तनावपूर्ण होने पर टीम बैरंग लौट गई।
यह कार्रवाई सिविल कोर्ट के आदेश पर की जा रही थी जिसके तहत असिस्टेंट रजिस्ट्रार सत्यवान सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। रेवेन्यू विभाग के अधिकारी और कर्मचारी टीम का हिस्सा रहे। हालांकि टीम के साथ पुलिस बल तैनात रहा। टीम ने जमीन की निशानदेही के लिए कदम बढ़ाए तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों के विरोध के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जमीन के मालिक शिवकुमार सैनी ने बताया कि उन्होंने 1990 में करीब 10 एकड़ जमीन खरीदी थी जिस पर पहले राजा फरीदकोट की कोठी थी। कुछ साल पहले ढाणा कलां के कुछ लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर निर्माण कर लिया था। पिछले 5-6 वर्षों से वह जमीन की निशानदेही की मांग कर रहे थे लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। दो साल पहले उन्होंने कोर्ट का रुख किया था और कोर्ट ने 2 मई तक निशानदेही की रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। इस पर अधिकारियों की टीम वीरवार को दोबारा मौके पर पहुंची लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी।
निशानदेही करने के लिए टीम गांव में गई थी लेकिन कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। हमने दो बार प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने। स्थिति को देखते हुए आला अधिकारियों से बात करने के बाद टीम लौट आई।- सत्यवान सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट।