हिसार। आजाद नगर स्थित श्री बालाजी क्लीनिक में भ्रूण लिंग जांच के आरोप में गिरफ्तार डॉ. अंतराम बरवाला को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नताशा शर्मा की अदालत से डिफॉल्ट बेल मिल गई। आरोपी पक्ष की ओर से 13 अप्रैल को जमानत याचिका दायर की गई थी। 15 अप्रैल को हुई सुनवाई में अदालत ने जमानत मंजूर कर ली।
तय समय सीमा में पुलिस अदालत में कंप्लीट चालान पेश नहीं करती है तो आरोपी डिफॉल्ट बेल के लिए आवेदन कर सकता है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार की। मामले में 29 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर क्लीनिक पर छापा मारा था। कार्रवाई से पहले टीम ने उपायुक्त कार्यालय के नीचे पार्किंग क्षेत्र में एक महिला को बोगस ग्राहक बनाकर 35 हजार रुपये के नंबर लिखे नोट दिए थे। महिला को क्लीनिक में भेजा गया जहां उसने कथित तौर पर भ्रूण लिंग जांच के लिए डॉ. सूरजमल को रकम सौंपी।
संकेत मिलते ही टीम ने क्लीनिक में दबिश दी। मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन, लैपटॉप, गर्भपात संबंधी दवाएं और नशीली गोलियां बरामद की गईं। छापे के दौरान कमरे में दो महिलाएं और एक व्यक्ति मौजूद थे। एक महिला बेड पर लेटी थी जबकि एक व्यक्ति उसके पेट पर मशीन चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में डॉ. अनंतराम (बरवाला), डॉ. सूरजमल, प्रेम और प्रियंका को गिरफ्तार किया था।
डॉ. अनंतराम बरवाला के खिलाफ भ्रूण लिंग जांच से जुड़े कई मामले पहले भी दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 1999 में पहला केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2015 में हिसार शहर थाना में दूसरी एफआईआर हुई जिसमें उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। 5 मई 2016 को बरवाला थाना में तीसरी, 18 दिसंबर 2018 को चौथी और 14 जुलाई 2021 को पांचवीं एफआईआर दर्ज की गई।
14 अक्टूबर 2023 को पीएनडीटी एक्ट के तहत छठा मामला दर्ज हुआ था। इससे पहले 2020 में डॉ. अनंतराम बरवाला और उनके पुत्र के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया था। 29 जनवरी 2026 को अंतराम सहित चार लोगों के खिलाफ 23 धाराओं के तहत नया केस दर्ज किया गया था।
पीएनडीटी एक्ट के मामलों में चालान स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश किया जाता है। अदालत के आदेश मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक, हिसार।