नई सब्जी बस स्टैंड के समीप दुकान पर सजी हरे फल व सब्जियां।
हिसार। जिले में ट्रकों की हड़ताल और पेट्रोल, डीजल व सीएनजी के बढ़े दामों का असर अब फल-सब्जियों के बाजार पर भी दिखने लगा है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से हरी सब्जियों और फलों के दाम प्रति किलो 5 से 10 रुपये तक बढ़ गए हैं। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।
एक सप्ताह पहले ईंधन के दाम बढ़ने के बाद खाद्य पदार्थों की ढुलाई महंगी हो गई। इसका असर नई सब्जी मंडी में दिखाई दे रहा है। मंडी में टिंडा, भिंडी, टमाटर, गोभी, घीया, मक्का, खीरा और करेला समेत अधिकांश सब्जियों के दाम बढ़े हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि ईंधन के दाम और बढ़े तो आने वाले दिनों में सब्जियां और महंगी हो सकती हैं।
गाड़ियों का खर्च बढ़ने से बढ़े रेट
फल व सब्जियां बाहर से आती हैं। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने के कारण आढ़तियों और विक्रेताओं को भी मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़े हैं। अभी केवल 5 से 10 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
- राजीव, सब्जी विक्रेता।
दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां ज्यादा महंगी
स्थानीय स्तर पर आने वाली सब्जियों पर असर कम है लेकिन दूसरे राज्यों से आने वाले फल-सब्जियों के दाम बढ़े हैं। ग्राहक भी बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
- राहुल, सब्जी विक्रेता।
फल-सब्जियों के दाम
सब्जी/फल
पहले
अब
टिंडा
30
40
तोरी
25
30
भिंडी
30
40
टमाटर
20
30
गोभी
30
40
घीया
20
30
मक्का
40
50
खीरा
20
30
मटर
70
100
करेला
30
40
अदरक
100
120
चीकू
60
80