सभी मुद्दे हल न होने तक नहीं करेंगे शव का अंतिम संस्कार
खेदड़ धरना कमेटी, किसान संगठनों और खापों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक शमशेर पानू की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार तानाशाही पर उतर आई है। पुलिस टकराव के दौरान किसान धर्मपाल सहारण की मौत हुई और उनकी मौत के बाद हम पर ही केस दर्ज कर दिए। पुलिस ने चार साथियों को झूठे केस में फंसा कर जेल में डाल दिया। जब तक हमारे साथियों को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा। हमारे सभी मुद्दे हल नहीं होने तक तक शव का अंतिम संस्कार भी नहीं करेंगे।
आंदोलनकारियों ने कहा कि एसआईटी टीम गठित की जाए और हमारा लीगल सलाहकार उसमें शामिल किया जाए। एसआईटी टीम पर समय की पाबंदी हो। रविवार को धरने पर अभिमन्यु कौहाड़, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, पूर्व विधायक रामभगत शर्मा, विजय भांभू बालसमंद, सतबीर घायल, दिलबाग सिंह हुड्डा, कुलदीप रामायण टोल, संदीप चहल, डॉ. करतार सिवाच, सरदानंद राजली, राजू खेदड़, उमेद लोहान, मुकेश लोहान, रामनिवास कोथ, प्रधान रामफल सहारण, गुरनाम सहराण, हर्षदीप गिल, कैलाश मलिक, दशरथ मलिक, धोला जेवरा, राजूभगत सरसौद, सत्यवान खेदड़, सुमन हुड्डा, पानीपत बीकेयू से सोनू मालपुरिया, मुकेश घणघस आदि शामिल मौजूद रहे।
शवगृह के बाहर पुलिस तैनात
मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के शवगृह में मृतक धर्मपाल सहारण का शव रखा हुआ है। शवगृह के बाहर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात है। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कोई बातचीत न होने के कारण शव लेने से मना कर दिया। पोस्टमार्टम करवाने आए मृतक के परिजन और कमेटी के सदस्य बिना शव लिए वापस धरना स्थल पर चले गए थे।
कई बिंदुओं पर सहमति बनी : डीसी
आंदोलनकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के संदर्भ में जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि ग्रामीणों के साथ बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई है। बातचीत बहुत ही अच्छे माहौल में हुई है। जिसमें कई बिंदूओं पर सहमति भी बनी है। उन्होंने कहा कि जिस माहौल में बातचीत हुई है, उससे प्रतीत होता है व उन्हें उम्मीद है कि मामले का जल्द ही निपटान हो जाएगा।
सरकार दिखा रही तानाशाह प्रवृति : अभय चौटाला
धरने पर इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव एवं ऐलनाबाद से विधायक अभय सिंह चौटाला भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी तानाशाह प्रवृति दिखा रही है। गांव के बच्चों के खिलाफ मामला दर्ज कर सरकार दहशत फैलाने का प्रयास कर रही है। चौटाला ने कहा कि जिन्होंने आंदोलनकारियों पर लाठियां बरसाई उनके खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए।