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Hisar News: डायमंड शेप में बनेगा रिंग रोड, मय्यड़ से वाहनों को दो दिशा में मिलेगा रास्ता, आउटर रिंग रोड का डिजाइन फाइनल, मय्यड़ क्षेत्र में हाफ-लूप और कॉस्ट-इफेक्टिव समाधान तैयार

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रिंग रोड का नक्शा। 
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हिसार। हिसार शहर में सड़कों से यातायात भार कम करने की महत्वाकांक्षी परियोजना आउटर रिंग रोड की दिशा में एक कदम और बढ़ गया है। अब इस रिंग रोड का डिजाइन फाइनल कर दिया गया है। इसे डायमंड शेप में बनाया जाएगा। मय्यड़ क्षेत्र में हाफ-लूप और कॉस्ट-इफेक्टिव समाधान तैयार किया गया है जिससे शहर के चारों तरफ रिंग रोड नेटवर्क स्थापित होगा। पूरे प्रोजेक्ट पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिसमें से 750 करोड़ प्रदेश सरकार और शेष राशि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) खर्च करेगा।
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डायमंड शेप रिंग रोड बनने से भारी और राजस्थान, दिल्ली-चंडीगढ़ से आने-जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे शहर में भारी वाहनों से जाम जैसी स्थिति नहीं बनेगी और हादसों का खतरा भी नहीं रहेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से मय्यड़ से ट्रैफिक को दो दिशाओं में सुगम रास्ता मिलेगा। रिंग रोड कैमरी गांव के पास से होते हुए राजगढ़ रोड के मौजूदा बाईपास से कनेक्ट होगा। दूसरा मार्ग कैंट के ऊपर से होते हुए तलवंडी कैंची पहुंचेगा जहां से सीधे चंडीगढ़ मार्ग से संपर्क स्थापित होगा। दोनों तरफ 18 से 20 किलोमीटर का रास्ता होगा।

रोज 25 हजार वाहनों का आवागमन

वर्तमान में शहर के भीतरी बाईपास पर रोजाना करीब 25 हजार वाहनों का यातायात भार रहता है। आउटर डायमंड रिंग रोड बनने के बाद इसमें काफी कमी आएगी। लगभग 70 प्रतिशत ट्रैफिक रिंग रोड से निकल जाएगा। केवल दस हजार तक वाहन बचेंगे जिन्हें शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत होगी।
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शहरवासियों को मिलेंगे ये 4 बड़े लाभ

मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की अध्यक्षता में बनी डीकंजेशन कमेटी के सदस्य चीफ इंजीनियर संदीप बाना बताते हैं कि रिंग रोड बनने से अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक घट जाएगा। इससे प्रमुख चौराहों पर लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलेगी। वाहन बिना रुके तेज गति से शहर के भीतर प्रवेश किए बिना गंतव्य को जा सकेंगे। इससे समय और ईंधन की बचत होगी। भारी वाहनों के शहर के बाहर से गुजरने के कारण दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा। स्कूली बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए ट्रैफिक मूवमेंट सुचारू होगा।
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