हिसार। हिसार में करोड़ों के प्रोजेक्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही से तय समय पर पूरे नहीं हो पाते। इसके चलते लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। देरी होने पर परियोजना का खर्चा भी बढ़ता जाता है। हिसार शहर में तीन प्रोजेक्ट लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। सातरोड आरओबी का काम तय समय बीतने के डेढ़ साल बाद भी पूरा नहीं हुआ। महाग्राम योजना के तहत गंगवा गांव में सीवरेज-पेयजल लाइन अधूरी है। शहर के चार बड़े एरिया में सजावटी स्ट्रीट लगने के तीन महीने बाद भी चालू नहीं की जा रही।
1. आरओबी की पांचवीं डेडलाइन खत्म होने में 29 दिन का समय बचा
सातरोड के पास साउथ बाईपास के निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की पांचवीं डेडलाइन खत्म होने में 29 दिन का समय बचा है। तय समय के डेढ़ साल बाद भी आरओबी पूरा नहीं हो सका है। इस आरओबी का शिलान्यास पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दिसंबर 2021 में किया था। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा फरवरी 2024 निर्धारित की गई थी। बाद में इसे बढ़ाकर जून 2024 कर दिया। इस समयावधि में भी काम पूरा नहीं हुआ तो नई डेडलाइन अक्तूबर 2024 दी गई। गर्डर रखने के लिए रेलवे से मंजूरी न मिलने के कारण काम पूरा नहीं हो सका। ऐसे में फरवरी 2025 तीसरी समय सीमा रखी गई है। आरओबी के निर्माण पर 31.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आरओबी की इसकी कुल लंबाई 658 मीटर है। इसमें सड़क की चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसके दोनों तरफ तीन-तीन मीटर की सर्विस रोड भी बनाई गई है। आरओबी के बनने साउथ बाईपास से प्रतिदिन गुजरने वाले 10 हजार वाहन चालकों को फायदा होगा।
2 . महाग्राम योजना डेडलाइन खत्म पर 50 प्रतिशत काम ही हुआ पूरा
महाग्राम योजना के तहत गांव गंगवा में काम समय सीमा में पूरा नहीं हो सका। 72.74 करोड़ रुपये से गांवों को पेयजल-सीवरेज लाइनों के कार्याें के लिए 31 जुलाई 2025 की डेडलाइन तय की गई थी। इनमें अब तक करीब 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। करीब डेढ़ साल में 50 प्रतिशत ही काम हो सका है। बचे हुए काम को पूरा करने के लिए करीब 6 महीने का समय लगना तय है। जनस्वास्थ्य तथा पीडब्ल्यूडी की ओर से काम को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय विस्तार मांगा गया है। इस योजना का फायदा उठाने वाला गंगवा जिले का पहला गांव है। जनवरी 2024 में इस योजना पर काम शुरू हुआ था। तय समय खत्म होने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर ने शुक्रवार एक अगस्त को गांव का दौरा कर कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को चेताया कि दूसरी बार डेडलाइन खत्म से पहले काम पूरा होना चाहिए। जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता विकास सिंगरोहा ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों के चलते काम में देरी हुई है। दिसंबर तक इसे पूरा कराने का लक्ष्य है।
3. स्ट्रीट लाइटों से नहीं मिला उजाला
नगर निगम एरिया में स्ट्रीट लाइट के लिए भी प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसमें सभी फोरलेन हाईवे और मुख्य सड़कों पर सजावटी लाइट लगाई जा रही हैं। मटका चौक से लेकर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, पुरानी कचहरी मार्केट, अर्बन एस्टेट टू , गुरुद्वारा रोड में स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही हैं। करीब दो करोड़ की लागत से यह काम पूरा होना है। एक स्ट्रीट लाइट पर 35 हजार से अधिक का खर्चा आया है। इसमें चार मीटर व छह मीटर के पोल लगाए जा रहे हैं। अर्बन एस्टेट टू में करीब तीन महीने पहले सजावटी लाइट लगाए जाने के बाद अब तक इनको चालू नहीं किया जा गया है। इसके चलते रात के समय हादसे की आशंका बनी रहती है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता जयबीर डूडी ने कहा कि जल्द इस काम को पूरा कराया जाएगा। अगस्त माह के आखिरी तक सभी स्ट्रीट लाइट काम पूरे हो जाएंगे।
-
कई बार तकनीकी कारणों के चलते प्रोजेक्ट लेट हो जाते हैं। ऐसे में हमें छूट देनी पड़ती है।अगर किसी ठेकेदार या अधिकारी की लापरवाही से प्रोजेक्ट लेट हो तो उस पर कार्रवाई की जाती है। सातरोड आरओबी का प्रोजेक्ट रेलवे की वजह से लेट हुआ। महाग्राम की सीवरेज-पेयजल परियोजना में काम देरी से शुरू हो पाया था। दिसंबर तक इसे पूरा कराने के आदेश दिए हैं।
- रणबीर गंगवा, लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री, हरियाणा सरकार।