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मरीज की बहन ने तड़के 3 बजे मेडिकल ऑफिसर को जड़ा थप्पड़

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हिसार। नागरिक अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सक को एक मरीज की बहन ने थप्पड़ जड़ दिया। घटना शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे की है। मेडिकल ऑफिसर को थप्पड़ मारने की इस घटना का वीडियो वायरल हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला व उसके जीजा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, घटना के विरोध में शुक्रवार सुबह 8 से 12 बजे तक ओपीडी बंद रख चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
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पीड़ित मेडिकल ऑफिसर डॉ. हिमांशु जांगड़ा ने बताया कि उनकी ड्यूटी आर्य नगर सीएचसी पर है। विभाग के अधिकारियों ने वीरवार रात के लिए उन्हें नागरिक अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात किया था। देर रात फतेहाबाद जिले के गांव भूथन निवासी रितू और उसका पति प्रमोद और रितू की बहन सुनीता आपातकालीन वार्ड में आए। रितू को पथरी के दर्द की शिकायत थी। भर्ती करते ही मरीज को दवा देकर इलाज दे दिया गया। इसके बाद वह तीन हादसों में घायल मरीजों के उपचार में लग गया। रात 3 बजे वह कुछ मिनट के लिए पर्सनल रूम में चले गए। उस समय सुनीता और प्रमोद उनके कमरे में आए और कहा कि मरीज को आराम नहीं हो रहा है। मैं आपाताकालीन वार्ड में आया तो वह वीडियो बनाने लगे। जब मैंने ऐसा करने से रोका तो गाली-गलौज की। इसके बाद सुनीता ने थप्पड़ जड़ दिया। आरोप है कि प्रमोद ने मेडिकल ऑफिसर का कॉलर पकड़ा। बाद में घटना के बारे में उच्चाधिकारियों और पुलिस को सूचना दी।
थप्पड़ मारने वाली महिला बोली - माफी नहीं मांगूंगी
डॉ. हिमांशु ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को चिकित्सक से माफी मांगने को कहा। इस पर महिला बोली मैं माफी नहीं मांगूंगी, डॉक्टर ही माफी मांगेगा। इसके बाद पुलिस मामला शांत होने पर चली गई। शुक्रवार सुबह पुलिस ने केस दर्ज कर महिला और उसके जीजा को गिरफ्तार कर लिया है।
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मेडिकल ऑफिसर को थप्पड़ मारने की घटना बेहद गलत है। चिकित्सकों की सुरक्षा की मांग को लेकर हमने चार घंटे तक सांकेतिक हड़ताल कर विरोध जताया है। भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं। - डॉ. अजय चुघ , फिजिशियन, नागरिक अस्पताल हिसार
केवल एक एमओ के भरोसे आपातकालीन वार्ड
रात को नागरिक अस्पताल केवल एक चिकित्सक के भरोसे रहता है। यह चिकित्सक भी किसी दूसरी पीएचसी-सीएचसी से बुलाया जाता है। रात को गंभीर रोगी आए तो कोई स्पेशलिस्ट नहीं रहता। रात के समय अस्पताल में सुरक्षा के नाम केवल एक गार्ड रहता है। वह भी गेट पर तैनात रहता है। नागरिक अस्पताल में पेट दर्द के मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
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पीएमओ और पुलिस वर्जन
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