फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हमलावरों को बचाने आगे आई पंचायत

Wed, 24 Sep 2014 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
विज्ञापन
विज्ञापन
कैंट में रोडवेज बस के ड्राइवर पर हमले करने के आरोपी युवकों के बचाव में दो गांवों के पंचायत मंगलवार को अधिकारियों से मिली।
विज्ञापन


हालांकि परिजनों को सुबह 9 बजे का समय दिया गया था, लेकिन परिजन दोपहर को पंचायत लेकर पहुंचे। इस कारण उनकी ट्रैफिक मैनेजर से मुलाकात नहीं हो सकी।

बता दें कि कुछ युवकों ने रोडवेज के ड्राइवर और कंडक्टर पर हमला कर दिया था। पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस में मामला पहुंचने पर आरोपियों को अपना करियर खतरे में दिखा।

इसके बाद आरोपी हमलावरों ने अपने करियर की दुहाई देकर दो गांवों की पंचायत से समझौता कराने की गुहार लगाई। इस पर मंगलवार को पंचायत प्रतिनिधि अफसरों से मिलने पहुंचे।
विज्ञापन


पंचायत ने ड्राइवर व कंडक्टर से युवकों की ओर से माफी मांगी। लेकिन ड्राइवर-कंडक्टर ने महाप्रबंधक व रोडवेज यूनियन के सामने ही मामले का पटाक्षेप करने की बात कही।

साथ ही कंडक्टर व ड्राइवर ने इसमें शामिल सभी युवकों को पकड़ने की बात भी कही। हालांकि पुलिस ने इस घटना में शामिल छह युवकों में से तीन को काबू कर लिया था।

ड्राइवर सुखबीर ने कहा कि जब तक इस घटना में शामिल मुख्य युवकों को सामने नहीं लाया जाएगा, तब तक समझौता नहीं किया जाएगा।

आखिरकार मंगलवार को कोई फैसला नहीं हो सका और पंचायत को बैरंग ही लौटना पड़ा। वहीं, रोडवेज कर्मचारी नेता महावीर फौजी व राजपाल नैन ने कहा कि इस करतूत में शामिल सभी युवकों को जब तक काबू नहीं किया जाता, तब तक समझौते की कोई बात नहीं होगी।
विज्ञापन


रोडवेजकर्मियों के साथ लड़ाई-झगड़े आम बात हो गई है, ऐसे में उनका नौकरी करना भी दूभर हो गया है।
तीनों को भेजा जेल

एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि ड्राइवर सुखबीर की शिकायत पर गांव माढा के तीन युवकों को नामजद किया गया था।

जिन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। महेंद्र सिंह ने बताया कि बीएससी के छात्र संजय तथा बीए के छात्र संदीप व नवीन को सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

मेरे से नहीं मिली पंचायत : टीएम
ट्रैफिक मैनेजर जितेंद्र यादव का कहना है कि मैंने युवकों के परिजनों को सुबह 9 बजे ऑफिस बुलाया था, लेकिन 9 बजे तक न परिजन आए और न ही कोई पंचायत।

बाद में भी कोई पंचायत उनसे नहीं मिली। बाकी दोषियों के खिलाफ ड्राइवर व कंडक्टर की रजामंदी से ही कोई फैसला लिया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें