एचएयू के स्टूडेंट्स को नशा सप्लाई करने के लिए जा रहे राजस्थान के दो युवकों को पुलिस ने करीब 30 लाख रुपये की 300 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया है।
दोनों युवक शहर में पिछले कई दिनों से सरेआम यह जहर लेकर घूम रहे थे, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। किस्मत से चालान करने के लिए जो चेकिंग चल रही थी, युवक तब पकड़ में आ गए।
पुलिस ने जब कागजात मांगे तो उनके पास नहीं थे। पुलिस को शक हुआ तो नशे के कारोबार का खुलासा हुआ। पकड़े गए युवक राजस्थान के सूरजगढ़ निवासी भरत और चूरू के मलसीसर निवासी व हाल ही में हिसार के 12 क्वाटर रोड पर रह रहे आशीष उर्फ शीषू है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां से भरत को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है और उसके साथी आशीष को जेल भेज दिया गया है।
हिसार में आशीष चलाता था ऑटो
पुलिस पीआरओ चंद्रभान का कहना है कि आशीष 12 क्वार्टर रोड पर गली नंबर 18 में पिछले काफी समय से रह रहा था। वह शहर में ऑटो चलाता था।
आशीष व भरत आपस में रिश्तेदार हैं। भरत आशीष की बुआ का दामाद है यानी रिश्ते में भरत आशीष का जीजा लगता है।
फौजी से लेकर आए थे हेरोइन
पुलिस का कहना है कि भरत राजस्थान में मजदूरी करता था। उसका संपर्क पिलानी के नजदीक ढाणी श्योराण निवासी एक रिटायर्ड फौजी से हो गया। उसने भरत को लालच दिया और उसने इस लालच में अपने रिश्तेदार को भी तस्करी में शामिल कर लिया।
10 हजार रुपये की एक ग्राम हेरोइन
शहर के जिन लोगों से संपर्क किया था, उन्हें अभी तक हेरोइन का रेट 10 हजार रुपये प्रति एक ग्राम का बताया गया था।
दो लाख में तय हुआ था सौदा
एएसआई भूप सिंह ने बताया है कि आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि भरत जब पिलानी के नजदीक मजदूरी करता था तो उसकी मुलाकात किसी ने फौजी से करवा दी।
उसने इस हेरोइन की सप्लाई के लिए 2 लाख रुपये देने की बात कही गई थी। जो हेरोइन भरत को सप्लाई करने के लिए दी गई थी उसकी कीमत उन्हें बाद में देनी थी।
पुलिस ने दोनों लोगों को एचएयू के गेट नंबर एक के सामने से पकड़ा था। ये एचएयू के स्टूडेंट्स आदि से सौदा तय करने के लिए जा रहे थे। पुलिस चेकिंग के दौरान ये पकड़े गए। इनका टारगेट विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में युवाओं को नशा सप्लाई करने का था।
- चंद्रभान, पुलिस पीआरओ, हिसार