हिसार। जिले में पोषण अभियान और सेवा संकल्प सप्ताह चलने के बावजूद अतिकुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। जुलाई में जिले में 229 अतिकुपोषित बच्चे थे जो अगस्त में बढ़कर 242 हो गए। वहीं मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या जुलाई के 1,469 से घटकर अगस्त में 1,390 रह गई है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से नौ सितंबर से पोषण अभियान चलाया जा रहा है।
विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी वैशाली ने बताया कि अभियान के तहत एनीमिया की जांच के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं का वजन तौलकर पोषण की जांच की जा रही है। कमजोर बच्चों को जिला अस्पताल स्थित न्यूट्रीशनल रिहेबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) भेजा जा रहा है। प्रदेश के 23 जिलों में से 11 में ही एनआरसी बनाए गए हैं।
जनजागरूकता के लिए जिले में अब तक 22,394 गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। सेवा संकल्प सप्ताह के पहले दिन वीरवार शाम दीया जलाकर सभी को बधाई दी गई।
हिसार में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर 26 से
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में 26 सितंबर से बरवाला और हिसार शहरी ब्लॉक में स्वास्थ्य शिविर और बाल सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, एनीमिया और बच्चों के विकास की निगरानी करना है। अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर 5,239 बच्चों को ताजा पका भोजन बांटा जा रहा है। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सविता जिंदल और कृष्णा चहल इसकी जिम्मेदारी संभालेंगी। 29 सितंबर को आदमपुर और हिसार-प्रथम ब्लॉक में कार्यक्रम होंगे, जिनका नेतृत्व महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी अनीता खुराना और सात्य बाला करेंगी।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मातृ स्वास्थ्य के लिए नकद हस्तांतरण से संबंधित 2,169 मामले सामने आए। यह योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। अभियान में एनीमिया की रोकथाम और उपचार तथा बच्चों के नियमित टीकाकरण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इन प्रयासों से क्षेत्र में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।