सिटी थाने के पास प्रस्तावित मल्टी स्टोरी की जगह।
हिसार। मुख्यमंत्री घोषणाओं में से एक मल्टी स्टोरी पार्किंग प्रोजेक्ट की ड्राइंग पर निगमायुक्त नीरज ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पार्किंग के ऊपर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों व यहां खरीदारी के लिए आने वाले लोगों के वाहनों से ही भर जाएगी। ऐसे में मार्केट में आने वाले लोगों को इस पार्किंग का क्या फायदा मिलेगा। निगमायुक्त ने ड्राइंग तैयार करने वाले अधिकारियों से कहा है कि क्या यह प्रोजेक्ट आप उस एजेंसी के लिए बना रहे है, जो इसे तैयार करेगी। निगमायुक्त के इस रुख के बाद संभावना है कि इसकी ड्राइंग में बदलाव किया जाए।
बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मनोहर लाल 29 दिसंबर 2014 में पहली बार हिसार आए थे। इस दौरान उन्होंने शहर के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग बनवाने की घोषणा की थी। वर्ष 2018 में इस प्रोजेक्ट के लिए निगम को सिटी थाने के सामने जीएलएफ की 2 एकड़ एक कनाल 12 मरला जमीन मिली। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार को बजट उपलब्ध करवाना था, लेकिन वर्ष 2019 में निगम ने इसे पीपीपी मोड पर बनवाने का फैसला किया। मगर वर्ष 2020 में दोबारा से इस प्रोजेक्ट को सरकारी बजट से ही सिरे चढ़ाने का फैसला किया गया। हालांकि बाद में सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट की असमर्थता जता दी। इसके बाद निगम ने इसे फिर से पीपीपी मोड से ही बनाने का निर्णय लिया।
यह है प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति
पिछले दिनों ही सीओएसआई की बैठक में निगम ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। यह रिपोर्ट देखकर कमेटी सदस्यों ने निगम अधिकारियों को साथ लगते बूस्टिंग स्टेशन की जमीन को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल करने के निर्देश दिए थे। जनस्वास्थ्य विभाग ने निगम को बूस्टिंग स्टेशन की जमीन देने पर सहमति जता दी थी। इसके बाद अब निगम को प्रोजेक्ट रिपोर्ट में संशोधन करना था और दोबारा से इसे सीओएसआई की बैठक में प्रस्तुत किया जाना था।
यह है प्रोजेक्ट की ड्राइंग
निगम अधिकारियों के अनुसार इसमें तीन मंजिला बेसमेंट के ऊपर चार मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। बेसमेंट का इस्तेमाल नगर निगम करेगा। वहीं चार मंजिला भवन का एजेंसी व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करेगी। इस हिस्से में एजेंसी अपने हिसाब से निर्माण करेगी। इसके अलावा इसमें एक बैंक्वेट हॉल का निर्माण भी किया जाएगा।
मैंने इस प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की थी। मुझे इसमें कुछ कमी दिखी, जिसे लेकर मैंने अधिकारियों को अवगत करवाया है। - नीरज, निगमायुक्त