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Hisar News: भानू चौक पर हादसे में जान गंवाने वाले मां-बेटे की हुई पहचान, कैंट में बेटे के साथ किराये पर रह रही थीं निर्मला

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हिसार। भानू चौक पर रविवार रात हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मां व बेटे के रूप में हुई है। दोनों सातरोड कैंट में किराये के मकान में रहते थे। महिला निर्मला सातरोड कलां में एक निजी बैंक में नौकरी करती थी। मृतका के देवर के बयान पर सोमवार को अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने स्कॉर्पियों गाड़ी चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
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आर्य नगर निवासी रोहतास कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह वेल्डिंग का काम करता है और हादसे में जान गंवाने वाली निर्मला उसकी भाभी थी। निर्मला के पति कुलदीप की करीब दो साल पहले हार्ट अटैक से निधन हो चुका है। इसके बाद से निर्मला अपने इकलौते बेटे यश के साथ सातरोड कैंट में किराये के मकान में रह रही थी और सातरोड कलां स्थित एक निजी बैंक में नौकरी कर रही थी।
रोहतास ने बताया कि रविवार 21 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे निर्मला अपने बेटे यश के साथ स्कूटी पर सवार होकर बाजार से घर लौट रही थी। रोहतास अपनी बाइक पर उनके पीछे चल रहा था। जैसे ही वे भानू चौक के पास पहुंचे, पीछे से तेज रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से घायल निर्मला व यश को नागरि अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी विजयपाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। स्कॉर्पियो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
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हादसे ने छीन लिया पूरा परिवार
यह हादसा एक ही परिवार की त्रासदी का पूर्ण विराम बन गया। दो साल पहले कुलदीप की मौत के बाद उनकी पत्नी निर्मला और बेटे यश की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यश अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। निर्मला पहले आर्य नगर में रहती थी, लेकिन नौकरी की सुविधा के लिए कुछ समय पहले ही सातरोड कैंट में शिफ्ट हुई थी।
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