नारनौंद। गांव सोरखी में पंचायत फंड खर्च को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को शुरू हुआ विवाद अब पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया है। सरपंच रामचंद्र की शिकायत पर बास थाना पुलिस ने 16 लोगों पर एससी-एसटी एक्ट और विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।सरपंच का आरोप है कि कुछ ग्रामीण उनके घर में जबरन घुस आए, जातिसूचक गालियां दीं, मारपीट की और सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया। वहीं, ग्रामीणों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
विधायक से मिले सरपंच और परिजन
घटना के बाद सरपंच रामचंद्र, उनकी पत्नी और बेटा योगेश समर्थकों के साथ विधायक विनोद भयाना से मिले। योगेश ने विधायक को बताया कि पंचायत खाते में हाल ही में जमा हुए मुआवजे की राशि को कुछ लोग दबाव बनाकर मनमर्जी से खर्च करवाना चाहते हैं। दरअसल, वर्ष 2014-15 में दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे निर्माण के दौरान अधिग्रहित पंचायत जमीन का मुआवजा करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये हाल ही में पंचायत खाते में जमा हुआ है। इसी राशि को लेकर गांव में खींचतान चल रही है। रविवार को इस मुद्दे पर इंद्रगिरी डेरे में पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन सरपंच उसमें शामिल नहीं हुए। इसके बाद कुछ ग्रामीण उनके घर पहुंचे और विवाद बढ़ गया।
सरपंच का कहना है कि आरोपियों ने उनके घर का दरवाजा बंद कर धमकियां दीं और बीच-बचाव करने आई उनकी पत्नी के साथ भी हाथापाई की गई। वहीं, पंच अशोक कुमार और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे सिर्फ सरपंच से बातचीत करने गए थे, और किसी तरह की मारपीट या अभद्रता नहीं की गई। बास थाना प्रभारी मनदीप कुमार ने बताया कि सरपंच की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल गांव का माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है।