हिसार। पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं वीरवार को करवा चौथ का निर्जला व्रत रखेंगी। चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:14 बजे है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से चांद और पति का चेहरा देखेंगी। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी।
दुर्गा मंदिर के पुजारी प्रेम मिश्रा ने बताया कि करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। महिलाएं सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेंगी और शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश व कार्तिकेय की पूजा के साथ करवा चौथ की कथा सुनेंगी। पूजा के लिए महिलाएं थाली सजाकर दीपक जलाएंगी और करवा पूजन करेंगी। चंद्रमा के दर्शन के लिए जल व अन्य पूजन सामग्री तैयार रखेंगी।