हिसार। सितंबर 2021 की आखिरी बारिश से जिले के किसानों को करीब 125 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग ने गिरदावरी पूरी कर मुख्यालय रिपोर्ट भेज दी है। अब मुख्यालय से मंजूरी के बाद किसानों को मुआवजा मिलेगा। गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करने में करीब तीन महीने का समय लगा।
22 से 25 सितंबर के बीच हुई बारिश से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ। प्रदेश सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए विशेष गिरदावरी का एलान किया था। राजस्व विभाग ने अक्तूबर महीने में गिरदावरी कराई। जिसमें बारिश से करीब एक लाख हेक्टेयर कपास प्रभावित हुई। किसानों को 25 से लेकर 97 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ।
राजस्व विभाग की ओर से पटवारियों को नियुक्त किया गया था। जिन्होंने गांव-गांव जाकर सर्वे किया। हर एक खेत का मुआयना करने के बाद उसे टैब के जरिये ऑनलाइन अपडेट किया। पटवारी की ओर से किए गए सर्वे के बाद कानूनगो, नायब तहसीलदार, तहसीलदारों ने रैंडम सर्वे कर रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगाई। करीब तीन महीने लंबी चली इस प्रक्रिया को अब पूरा कर लिया गया है। जिसमें किसानों को 125 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। जिसमें सबसे अधिक नुकसान कपास की फसल को हुआ।
इसके अलावा मूंग, तिल की फसल में भी भारी नुकसान हुआ। बता दें कि वर्ष 2020 में भी कपास सहित अन्य फसलों को बारिश से करीब नुकसान हुआ था, जिसमें करीब 200 से 250 करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट भेजी गई थी। वह पैसा भी अब तक किसानों को नहीं मिल सका।
मुख्यालय से मंजूरी के बाद बंटेगा मुआवजा
विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट पूरी हो चुकी है। करीब 125 करोड़ रुपये का नुकसान का आकलन किया गया है। राजस्व विभाग के मुख्यालय से मंजूरी के बाद किसानों का मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, हिसार।
जल्द मिले मुआवजा
किसानों को अब तक वर्ष 2020 में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा भी नहीं मिल सका है। जल्द से जल्द किसानों को दोनों मुआवजा दिया जाए, जिससे किसान अपने परिवार को चला सकें। पिछले लंबे समय से किसान इस मामले को लेकर विरोध भी जता रहे हैं।
-दिलबाग हुड्डा, महासचिव, भारतीय किसान यूनियन।