हांसी। खरकड़ा गांव में सिंचाई विभाग की टीम पर हुए हमले के बाद विभाग ने नहरी पानी चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को कार्यकारी अभियंता के नेतृत्व में 10 जेई और चार दर्जन से अधिक कैनाल गार्डों की टीम ने पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी और सिवानी फीडर नहर क्षेत्र में छापेमारी कर करीब 15 पानी चोरी के मामले पकड़े। टीम ने मौके से डीजल इंजन, कई मोटरें कब्जे में लीं और अवैध रूप से लगाए गए पाइपों को नष्ट किया।
सिंचाई विभाग के जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि नहरी पानी चोरी रोकने के लिए विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जहां भी पानी चोरी के मामले सामने आएंगे वहां संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नहरों से अवैध तरीके से पानी चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
29 जुलाई की रात खरकड़ा स्थित सिवानी फीडर पर पानी चोरी रोकने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम पर हमला करने का आरोप लगा था। इस घटना में दो जेई और एक कैनाल गार्ड घायल हो गए थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर हड़ताल की चेतावनी :
सिंचाई विभाग कर्मचारी यूनियन हांसी शाखा के प्रधान अशोक यादव ने कहा कि कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं लेकिन हमला करने वाले आरोपियों में से कुछ अभी भी खुले घूम रहे हैं। यदि वीरवार तक तीन शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बैठक के बाद काम छोड़कर हड़ताल पर जाने का बड़ा फैसला लिया जाएगा। कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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नहरी पानी चोरी करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा। टीम ने एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर चोरी में इस्तेमाल बिजली की मोटर, डीजल इंजन और अवैध पाइपों को मौके पर ही नष्ट किया है।- अजय कुंडु, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।