आईजी श्रीकांत जाधव ने हिसार में अतिरिक्त कार्यभार संभालते ही पहले दिन पुलिस कर्मचारियों की खुला दरबार लगाकर समस्याएं सुनीं। 33 पुलिस कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं रखीं।
कुछ कर्मचारियों की समस्याओं को आईजी ने मौके पर समाधान किया और कुछ की फाइलें निकलवाई हैं। मौके पर एक कांस्टेबल को आईजी साहब ने नसीहत भी दी।
ट्रांसफर के लिए आईजी के पास पहुंचे कांस्टेबल संदीप ने हिसार से सिरसा ट्रांसफर की अर्जी लगाई। आईजी ने कहा कि समस्या का समाधान जरूर किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को फाइल निकालने के बारे में कहा। फरियादी अपनी बात रखने के बाद जब वापस मुड़े तो जाधव ने उनके पीछे से बढ़े हुए बाल देख लिए।
कांस्टेबल बाहर जा चुके थे। जाधव ने तुरंत उन्हें वापस बुलाया। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर तो ठीक है, मगर ये बाल कौन कटवाएगा। इस पर कांस्टेबल ने सॉरी कर सेल्यूट मारा।
हालांकि आईजी सॉफ्ट मूड में थे। उन्होंने हंसते हुए कहा कि पहले हेयर कटिंग करवाओ, फिर ट्रांसफर हो जाएगा। उन्होंने नसीहत दी कि पुलिस को वेल ड्रेस में होना चाहिए। उसकी चाल-ढाल से भी वे पुलिस कर्मी या अधिकारी लगने चाहिए।
20 साल से इंक्रीमेंट नहीं लगा साहब!
आईजी श्रीकांत जाधव के सामने तीन पुलिस कर्मचारी प्रमोशन और इंक्रीमेंट का केस लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा साहब! हमारा 20 साल से इंक्रीमेंट ही नहीं लग पाया है।
ना ही हमारी प्रमोशन हुई है। आईजी ने तुरंत प्रभाव ने इनकी फाइल निकालकर ऑब्जेक्शन क्यों लगे हैं और कहां दिक्कत आ रही है, के बारे में जानकारी मांगी है।
ट्रांसफर करवाने के लिए पहुंचे 14 कर्मचारी
एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर करवाने के लिए 14 पुलिस कर्मी पहुंचे। किसी ने मां तो किसी ने पिता को बीमार बताते हुए ट्रांसफर के लिए अर्जी लगाई।
साहब! मैं तो दो घंटे लेट हो गया था, कर दिया सस्पेंड
खुले दरबार में 13 ऐसे मामले भी पहुंचे, जिन कर्मचारियों की डिपार्टमेंट द्वारा जांच करवाई जा रही थी। कोई लाइन हाजिर चल रहा था तो कोई सस्पेंड। कोई दुहाई दे रहा था कि साहब मैं तो ड्यूटी पर कुछ समय के लिए लेट हो गया था।
किसी ने कहा कि मैं किसी काम के लिए 15 मिनट बाहर गया था, फिर भी मुझे गैर हाजिर कर जांच खुलवा दी। इस पर आईजी ने कहा कि इस मामले में वैसे मैं दखल नहीं कर सकता, फिर भी ये मामले भी देखे जाएंगे।
तीन कर्मचारियों ने मांगे क्वार्टर
तीन पुलिस कर्मचारियों ने अभी तक उन्हें रहने के लिए क्वार्टर न मिलने की समस्याएं बताई। इसके अलावा दो चपरासियों ने यहां से ट्रांसफर की मांग की है।
साहब! माता-पिता की सेवा करना चाहते हैं
अधिकतर ट्रांसफर करने वाले पुलिस कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने माता-पिता की सेवा करना चाहते हैं साहब। आईजी ने सभी कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उनका समाधान करने का हर संभव आश्वासन दिया।
दो कर्मचारियों के ट्रांसफर के तुरंत ऑर्डर
खुले दरबार में आईजी ने हवलदार हवा सिंह की अर्जी पर हिसार से भिवानी और योगेश की अर्जी पर भिवानी से हिसार म्यूचुअल ट्रांसफर के आईजी ने तुरंत ऑर्डर कर दिए।
हर एक्टिविटी कर रहे थे नोट, नॉलेज भी आंका
हिसार में यह अभी तक का पहला ऐसा मामला था, जिसमें किसी आईजी ने कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर खुला दरबार लगाया है। हालांकि इससे पहले आईजी श्रीकांत जाधव ही रोहतक में खुला दरबार लगा चुके हैं।
खुले दरबार के बारे में रेंज के पुलिस कर्मचारियों को पहले ही पता चल गया था। उनके बीच यह चर्चा भी थी कि वे हर छोटी से छोटी एक्टिविटी पर नजर रखते हैं।
फरियाद लेकर पहुंचने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारी से भी बात-बात पर क्यों, कैसे सवाल करते रहे। ट्रांसफर होगा या नहीं होगा तो क्यों नहीं हो सकता, क्या नियम हैं, यह भी जानकारी लेते रहे कि अधिकारियों को काम के बारे में कितनी नॉलेज है।