सब्जी मंडी के व्यापारियों ने मंगलवार को डीसी चंद्रशेखर से मिलकर सुरक्षा को लेकर तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। व्यापारियों ने कहा कि मंडी में गायों ने तीन लोगों को पटक कर घायल कर दिया।
करीब दो लाख रुपये की सब्जी खराब कर दी। सब्जी मंडी में जबरदस्ती छोड़ी जा रही गायों को नहीं रोका गया तो मंडी को बंद कर हड़ताल पर जाएंगे।
सब्जी मंडी के प्रधान मोहनलाल सैनी तथा फड़ विक्रेता यूनियन के प्रधान भानाराम के नेतृत्व में व्यापारी डीसी कार्यालय पहुंचे। आढ़ती व फड़ विक्रेताओं ने कहा कि कुछ लोग सब्जी मंडी में जबरदस्ती 400-500 गाय घुसा देते हैं। गाय दिन रात के समय सब्जी को खा जाती हैं।
सोमवार को गायें करीब दो लाख रुपये की सब्जियां खा गईं, जिससे आढ़तियों के अलावा फड़ विक्रेताओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
मंगलवार की सुबह मंडी में एक गाय ने तीन लोगों को उठा कर पटक दिया। इसमें सब्जी खरीदने आई महिला सहित तीन लोग अस्पताल पहुंच गए। मंडी के लोगों ने घायलों का मंडी के सामने स्थित गंगाराम अस्पताल में उपचार कराया।
एक अप्रैल को पुरानी सब्जी मंडी को नई सब्जी मंडी में शिफ्ट किया गया था। अब तक करीब 80 दुकानों का निर्माण हो चुका है। यहां 364 माशाखोरों को स्थान दिया गया है।
जो फड़ लगाकर अपनी सब्जी बेचते हैं। जिले भर के किसान अब नई सब्जी मंडी में ही माल लेकर आते हैं। यहां सुबह 4 बजे से 7 बजे तक बोली के जरिए सब्जी का कारोबार होता है।
कहां गए सुविधाओं के वादे
व्यापारियों ने कहा कि सब्जी मंडी शिफ्टिंग के समय बडे़ बडे़ वादे किए गए थे। कई टॉयलेट बने नहीं, जो बने उन पर प्रशासन ने ताले लगा रखे हैं।
पानी के लिए केवल एक ही वाटर कूलर है। कैंटीन को अब तक शुरू नहीं किया गया। सीसीटीवी लगाने का वादा हवा में ही है। पुलिस चौकी स्थापित करने का वादा भी अधूरा है। मंडी में चौकीदार भी नहीं लगाए गए।
बाइक पर आते हैं चोर
आढ़तियों व माशाखोरों ने बताया कि रात के समय कुछ चोर बाइक पर सवार होकर आते हैं। जो फल सब्जियां चोरी कर ले जाते हैं। इन लोगों के पास अवैध हथियार भी होते हैं। इस कारण अगर कोई इन्हें देख भी ले तो रोकने का प्रयास नहीं कर पाता।
पुरानी मंडी में हो रहा केले का कारोबार
सब्जी मंडी के आढ़तियों ने कहा कि पुरानी सब्जी मंडी डी नोटिफाई किए जाने के बाद भी अब तक वहां केले का कारोबार बंद नहीं किया। वहां गोदामों में अब भी पहले की तरह से कारोबार होता है।
फल का करीब तीस प्रतिशत कारोबार वहीं पर होता है। जब व्यापारी मंडी सचिव को भी कई बार शिकायत कर चुके हैं। मंडी के रिकॉर्ड में अब भी वहां केले की आवक दिखाई जाती है।
जबरदस्ती मंडी में छोड़ी जा रही गाय सबसे बड़ी मुसीबत हैं। 15 दिन पहले एसडीएम को शिकायत दी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। डीसी साहब से मिलकर शिकायत दी है। समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल हमारे पास आखिरी हथियार है।
- मोहन सैनी, प्रधान, सब्जी मंडी हिसार
डीसी ने आश्वासन दिया है कि पूरी कोशिश की जाएगी। तीन दिन का अल्टीमेटम देकर आए हैं। तीन दिन में समाधान नहीं किया तो हम हड़ताल कर रोड जाम कर देंगे।
- भानाराम, प्रधान, मासाखोर यूनियन, सब्जी मंडी, हिसार