हिसार के महावीर स्टेडियम में स्ट्रांग रूम का निरीक्षण करते मेयर प्रत्याशी कृष्ण सिंगला टीटू।
हिसार। नगर निगम चुनाव में मतदान के अगले दिन सोमवार को प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार की भागदौड़ की थकान अपने-अपने तरीकों से उतारी। कोई दिनभर परिवार के सदस्यों के बीच रहा, कोई सामाजिक कार्यों में शामिल हुआ तो किसी ने समर्थकों-कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया। नगर निगम चुनाव के मद्देनजर 20 फरवरी को चुनाव चिह्न वितरित किए गए थे। इसके बाद से मेयर व पार्षद पद के प्रत्याशी भूख-प्यास की चिंता किए बिना दिन-रात चुनाव प्रचार में जुटे थे। इस दौरान परिवार के लोगों को भी अधिक समय नहीं दे सके। सुबह घर से निकलना और देर रात लौटना, उनकी दिनचर्या रही।
भाजपा प्रत्याशी विवाह समारोह में हुए शामिल
भाजपा से मेयर प्रत्याशी प्रवीण पोपली ने अपने साथियों के साथ शहर में सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वह विवाह समारोह में भी शामिल हुए। दिन में समर्थकों-कार्यकर्ताओं से खुलकर मुलाकात की और मतदान का फीडबैक लिया। परिवार के लोगों से भी हाल-चाल जाना। उन्होंने कहा आगामी दिनों में भी वे सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार में काफी व्यस्त रहे। इस वजह से परिवारीजनों को पूरा समय नहीं दे सके।
कांग्रेस प्रत्याशी ने किया स्ट्रांग रूम का निरीक्षण
कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी कृष्ण सिंगला टीटू ने महाबीर स्टेडियम स्थित स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। स्ट्रांग रूम के मुख्य द्वार पर लगी सील की जांच की। वहां मौजूद अधिकारियों से ईवीएम की सुरक्षा पर बातचीत की। टीटू ने कहा हिसार की जनता का धन्यवाद करना चाहते हैं, जिन्होंने चुनाव प्रचार में उनका भरपूर सहयोग दिया। मेयर बनने के पहले दिन से ही हिसार के हालात सुधारने पर काम किया जाएगा। इससे पहले उन्होंने सुबह परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताया। कई कार्यकर्ता भी उनसे मिलने उनके आवास पर पहुंचे। वह कांग्रेस भवन भी गए, जहां कार्यकर्ताओं से मतदान का फीडबैक लिया।
सरकार की नीतियों से परेशान मतदाताओं ने चुनाव से बनाई दूरी: खोवाल
प्रदेश के निकाय चुनावों में मात्र 46.7 प्रतिशत मतदान होने पर हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि भाजपा की जनविरोधि नीतियों की बदौलत मतदाता उदासीन हो गए। इसलिए 50 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मतदान ही नहीं किया। उन्होंने कहा, लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मतदान सशक्त माध्यम होता है, लेकिन मतदाता इस प्रक्रिया से विमुख होता जा रहा है। पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर संपत सिंह ने कहा कि मतदान कम होना प्रजातंत्र व लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। इससे प्रतीत होता है कि जनता का जनप्रतिनिधियों से विश्वास उठता जा रहा है।