लघु सचिवालय के बाहर बेटी की तलाश की मांग को लेकर धरने पर बैठा परिवार व समर्थन देने पहुंचे जन सं
हिसार। बिटिया की तलाश की विनती लिए लघु सचिवालय के बाहर कड़ाके की सर्दी में तीन दिन से धरने पर बैठे पीड़ित परिवार को वीरवार को शहर के कई जन संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। जनवादी महिला समिति, भीम आर्मी और किसान यूनियन समेत अन्य जन संगठनाें से जुड़े सदस्यों ने पुलिस से इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई। उनका कहना है कि बेटी की जल्द से जल्द तलाश की जाए, नहीं तो जन संगठन मिलकर आंदोलन शुरू करेंगे। पीड़ित परिवार ने बताया कि पुलिस 76 दिन बीत जाने के बाद भी बेटी हर्षिता को ढूंढ नहीं पाई है। उनका कहना है कि जब तक बेटी नहीं मिल जाती, घर नहीं जाएंगे।
धरना स्थल पर पहुंची जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान शकुंतला जाखड़ का कहना है कि सर्दी के मौसम में पीड़ित परिवार बेटी की तलाश करने के लिए तीन दिन से धरने पर बैठा है। बेटी हर्षिता को घर से निकले 76 दिन हो चुके हैं, उसके बावजूद पुलिस प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हर्षिता जिंदा है या नहीं, इस बारे में भी कुछ नहीं पता। बेटी के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दी थी, अगर पुलिस तत्परता दिखाई तो आज बेटी परिवार के साथ होती। आजाद नगर थाना प्रभारी ने बताया कि किशोरी के गुमशुदगी के पर्चे तक बांटे गए हैं। दो छोटे बच्चे हैं, जो माता-पिता के साथ कंपकंपा देने वाली ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। वे सर्दी में बीमार हो सकते हैं।
बेटी के साथ ही घर जाएंगे
धरने पर बैठी रागनी और उनके पति सुनील सोनी का कहना है कि वे तीन दिन से धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि बेटी को बिना लिए घर नहीं जाएंगे। जब तक बेटी नहीं मिल जाती, धरने पर बैठे रहेगे। पुलिस सही तरीके से समय रहते जांच करती तो आज बेटी हमारे पास होगी।