हिसार। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने वीरवार को जिला परिषद व पंचायती राज कार्यालय पर छापा मारा। इस दाैरान 13 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। वहीं टीम ने पंचायती राज और जिला परिषद में बीते वर्षों किए गए विकास कार्यों और बजट का रिकॉर्ड खंगाला।
कार्यालयों का रिकॉर्ड खंगालने पर जानकारी मिली कि पंचायती राज विभाग को हरियाणा ग्रामीण विकास योजना (एचजीवीवाई) के तहत 18.90 करोड़ रुपये का बजट मिला, लेकिन किसी भी कार्य पर यह राशि खर्च नहीं की गई। इस दाैरान सीएम विंडो पर पंचायती राज एक्सईएन कार्यालय में 8, कार्यकारी अभियंता जिला परिषद कार्यालय में एक, जिला परिषद कार्यालय में 11 फाइलें लंबित मिली।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट सिंचाई विभाग के एसडीओ सत्यवीर सिंह की अध्यक्षता में कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। आयुष योजना के तहत 75 लाख रुपये के बजट से एक पैसा खर्च नहीं किया जा सका। सामुदायिक केंद्र योजना के लिए 2.38 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 1.70 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। एमपी स्कीम में वर्ष 2019 से 2024 तक कुल 13.21 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 6.46 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। जिला परिषद हिसार कार्यालय में वर्ष 2024-25 में हेल्थ सेंटर योजना के तहत 7.18 करोड़ रुपये और बस क्यू शेल्टर योजना के लिए मिले 13.25 लाख रुपये में से कोई राशि अभी तक खर्च नहीं की गई। जांच के दौरान टीम को कार्यालयों में एक भी सीसीटीवी कैमरा चालू हालत में नहीं मिला। एआरडीएफ योजना के तहत अभी 16.05 करोड़ रुपये शेष हैं।
सीएम फ्लाइंग की टीम को पंचायती राज विभाग के अधीक्षक अभियंता कार्यालय में 10 में से 3 कर्मचारी जेई अभिमन्यु चहल, लिपिक सुरेंद्र मोहन, लिपिक राधेश्याम गैरहाजिर मिले। पंचायती राज कार्यकारी अभियंता कार्यालय में 16 कर्मचारियों से लिपिक आशिमा व लिपिक पिंकी, जिला परिषद कार्यालय में 14 कर्मचारियों में से लेखाकर आशा रानी, सहायक भारती, सहायक ममता, लिपिक संदीप, डीपीए भगत सिंह, लिपिक प्रिंयका, डीईओ जगमोहन, एडीपीएम अमन गैरहाजिर पाए गए।