प्राइवेट बस के चालक-परिचालक के खिलाफ शिकायत देने जाते हुए डॉ. परमवीर राठी, हिमांशु और आकाश।
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हिसार। प्राइवेट बसों के चालक-परिचालक मनमर्जी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कभी बेटियों को बीच रास्ते में उतार देते हैं तो कभी उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। शनिवार को हिसार से नरवाना जा रही प्राइवेट बस के चालक-परिचालक ने तीन यात्रियों को बिठाने से मना कर दिया। जब तीनों बस में चढ़े तो परिचालक ने आवाज लगाई कि जुगलान वाले नरवाना जाने वाले यात्रियों को सीट दे दो। उसके बाद तीनों आरटीए कार्यालय में शिकायत देने पहुंचे। इसके अलावा बस स्टैंड इंचार्ज साधुराम मोर को भी शिकायत दी गई है।
डॉ. परमवीर राठी ने बताया कि दोपहर 12.32 बजे बस स्टैंड हिसार से नरवाना के लिए प्राइवेट बस रवाना हुई। इस दौरान मेरे साथ हिमांशु और आकाश भी था। हमें जुगलान जाना था। जैसे ही बस में बैठे तो चालक-परिचालक ने आवाज लगाकर सीट खाली करने की बात कही। डॉ. परमवीर राठी ने बताया कि वह आरटीए में शिकायत देने गए तो वहां मौजूद कर्मचारी श्रीपाल ने कहा कि आज दूसरे शनिवार की छुट्टी है। आप हमें शिकायत दे दो। हम सोमवार को आपकी शिकायत की कॉपी डायरी करवा देंगे। बता दें, कि इससे पहले भी प्राइवेट बसों के चालक-परिचालक के खिलाफ कई बार आरटीए में शिकायत दी जा चुकी है। मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।