हिसार। निरंकारी भवन रोड के दोनों रेलवे फाटकों पर अंडरपास निर्माण की कवायद तेज हो गई है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन जल्द ही मौके पर निशानदेही का काम शुरू करवाएगा। इसके लिए प्रभावित भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं ताकि उनकी मौजूदगी में पैमाइश पूरी की जा सके। निशानदेही के बाद अंडरपास का फाइनल नक्शा तैयार किया जाएगा।
वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तेल डिपो रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज या रेलवे अंडरब्रिज (अंडरपास) बनाने की घोषणा की थी। तब से कई अधिकारी तेल डिपो रेलवे फाटक व निरंकारी भवन रेलवे फाटक के लिए योजना बदलते रहे। कभी यहां पर आरओबी तो कभी आरयूबी बनाने की योजना बनी।
लाेक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी बीएंडआर) की तरफ से तेल डिपो रेलवे फाटक पर 5 मीटर चौड़े आरओबी के निर्माण की फाइल मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के पास भिजवा रखी थी। स्थानीय लोगों ने भी कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा से मुलाकात की और यहां आरयूबी निर्माण की मांग रखी है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को दोनों रेलवे फाटक अंडरपास निर्माण के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए।
सर्वे पूरा, अब कराई जाएगी निशानदेही
विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम दोनों रेलवे फाटकों का सर्वे पूरा कर चुकी है। अब तहसील कार्यालय की ओर से निशानदेही कराई जाएगी। इसके लिए प्रभावित लोगों को पहले नोटिस जारी कर निशानदेही का शेड्यूल बताया जाएगा ताकि यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह समय रहते दर्ज करा सके। निशानदेही पूरी होने के बाद फाटकों की लंबाई और चौड़ाई तय की जाएगी तथा उसी आधार पर नक्शे तैयार होंगे। रेलवे से मंजूरी मिलने के बाद एस्टीमेट तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
50 हजार से अधिक आबादी को होगा फायदा
इन दोनों ही फाटकों पर रेलवे अंडरब्रिज बनने से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि खर्च और समय दोनों की बचत भी होगी। इनके निर्माण से वाहन चालकों को पुरानी सब्जी मंडी रेलवे अंडरब्रिज व सूर्य नगर रेलवे अंडरब्रिज के ऊपर से घूमकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी जिससे लगभग 2 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने से छुटकारा मिलेगा। पीक आवर्स (व्यस्ततम समय) में लगने वाले ट्रैफिक जाम के झंझट से मुक्ति मिलेगी। फाटकों पर रुकने से होने वाली ईंधन खपत व प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी जिससे शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इन दोनों अंडरपास के धरातल पर उतरने से शहर की 50 हजार से अधिक आबादी को सीधा फायदा होगा।
अब निशानदेही करवाई जाएगी। जल्द ही यह कार्य शुरू किया जाएगा। दोनों अंडरपास के बनने से शहरवासियों को काफी फायदा मिलेगा। -जतिन खुराना, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर