हिसार। प्रदेश सरकार की ओर से बजट नहीं मिलने पर नगर निगम ने अपनी जमीन बेचने का फैसला लिया है। नगर निगम व्यापार कुंज और पटेल नगर मार्केट के 59 प्लॉट को बेचकर करीब 200 करोड़ रुपये जुटाएगा। इन प्लॉट के लिए रिजर्व प्राइस भी तय किए गए हैं और इन्हें ई-ऑक्शन के जरिए बेचा जाएगा। व्यापार एवं व्यवसाय कुंज की जमीन का मूल मालिक राजकीय पशुधन विभाग होने के चलते लगभग 70 प्रतिशत राशि उन्हें प्राप्त होगी। नगर निगम सदन की स्पेशल बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
नगर निगम सदन की स्पेशल बैठक सोमवार को निगम के मुख्य सभागार में मेयर प्रवीण पोपली की अध्यक्षता में हुई। बैठक में नगर निगम क्षेत्र में वार्ड कमेटियों के गठन और प्लॉटों के ई-ऑक्शन को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान निगम की आय में वृद्धि को लेकर भी चर्चा हुई।
नगर आयुक्त नीरज ने सदन को स्कीम नंबर 41, पटेल नगर के 8 रिहायशी प्लॉट और व्यापार एवं व्यवसाय कुंज कॉम्प्लेक्स फेज-3 के 51 प्लॉटों के ई-ऑक्शन का प्रस्ताव रखा। सभी पार्षदों ने विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से स्वीकृति दी और प्रस्ताव पारित कर दिया।
नगर आयुक्त ने बताया कि ई-ऑक्शन की प्रक्रिया से निगम को करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, जिससे शहर के विकास कार्यों को और गति दी जा सकेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव को जल्द अमल में लाया जाएगा और ई-ऑक्शन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
नगर आयुक्त नीरज ने कहा कि नागरिक भागीदारी अधिनियम-2008 के प्रावधानों के तहत नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में वार्ड कमेटियों का गठन अनिवार्य है। प्रत्येक 10 हजार की जनसंख्या पर कमेटी में 4 सदस्य होंगे, अतिरिक्त 4 हजार जनसंख्या पर 1 सदस्य बढ़ेगा।
वार्ड कमेटियां विकास कार्यों, जनसुविधाओं और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी करेंगी। ये वार्षिक बजट, विकास योजनाओं और चल रहे कार्यों की प्रगति पर रिपोर्ट तैयार कर निगम प्रशासन को सौंपेंगी। प्रत्येक कमेटी के अध्यक्ष संबंधित वार्ड के पार्षद होंगे। कमेटियों में कम से कम दो महिला सदस्यों की भागीदारी होगी। वार्ड की मतदाता जनसंख्या के आधार पर विभिन्न श्रेणियों से सदस्यों का चयन किया जाएगा। वार्ड कमेटियों के सदस्य अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देंगे और सुझाव देंगे कि भविष्य में कौन-कौन से नए कार्य किए जा सकते हैं।
-मीडिया के प्रवेश पर रोक
नगर निगम की बैठक में मीडिया कर्मियों को प्रवेश से रोक दिया गया। इससे पहले नगर निगम सदन की बैठकों में मीडिया को प्रवेश दिया जाता था। बैठक में निगम के पार्षद, अतिरिक्त निगम आयुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त वीरेन्द्र सहारण, चीफ इंजीनियर बीके कर्दम, एक्सईएन जयबीर डूडी, एसओ राधेश्याम समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।-
सदन की बैठक 15 फरवरी को बुलाने की तैयारी
पार्षदों ने मेयर और निगम आयुक्त से सदन की बैठक बुलाने का मुद्दा उठाया। पिछले 10 महीने में महज एक ही बैठक हो सकी है। निगम के पिछले कार्यकाल में औसतन हर दूसरे-तीसरे महीने बैठक होती थी। मेयर प्रवीण पोपली ने भरोसा दिलाया कि इसी महीने 15 फरवरी के आसपास सदन की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में बजट और अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें पार्षद अपने सुझाव और प्रस्ताव रख सकेंगे।