हिसार। मंगाली राजकीय महाविद्यालय के लिए विद्यार्थियों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। कॉलेज का नया भवन अब जुलाई के बजाय सितंबर तक बनकर तैयार होगा। कॉलेज भवन का निर्माण कर रहे ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर से दूसरी बार टाइम एक्सटेंशन ली है। ठेकेदार का तर्क है कि उसे समय पर भुगतान नहीं किया गया जिस कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। मंगाली कॉलेज के नए भवन का शिलान्यास तत्कालीन सीएम मनोहरलाल ने 27 मार्च 2022 को किया था। कॉलेज का परिसर 12 एकड़ का है जिसमें तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। कॉलेज के भवन के लिए करीब 29 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली थी। हालांकि इसका एस्टीमेट 23 करोड़ रुपये का बनाया गया था।
अधिकारियों के अनुसार ठेकेदार को नया भवन जनवरी में तैयार करके देना था। मगर मानसून और मौके से गुजर रही पेयजल लाइन व हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग में समय लगने से ठेकेदार इसे तय समय में पूरा नहीं कर सका। इस वजह से उसने टाइम एक्सटेंशन ले ली।
फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं राजकीय प्राथमिक विद्यालय में लग रही हैं जिसमें मात्र 5 कमरे हैं। यही नहीं विद्यार्थियों को टीन की शेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। मगर नया भवन मिलने से कॉलेज के छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। बालसमंद कॉलेज की घोषणा भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में की गई थी। 5 जुलाई 2018 से कॉलेज की कक्षाएं प्राथमिक स्कूल भवन में शुरू की गईं।
कॉलेज के लिए चयनित 7 एकड़ 6 कनाल 13 मरले जमीन को फरवरी 2021 में कब्जा मुक्त करवाया और 15 सितंबर 2022 को पंचायत से उच्चतर शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किया गया। मार्च 2023 में कॉलेज का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखा गया और 7 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भवन निर्माण का शिलान्यास किया। वर्तमान में कॉलेज की कक्षाएं प्राथमिक स्कूल के जर्जर भवन में चल रही हैं।