हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती जगमेंद्र (57) का शव सोमवार सुबह करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सिरसा चुंगी के पास मिला। वह रविवार रात अस्पताल से गायब हो गया था। शव के पास ही अस्पताल की व्हीलचेयर पड़ी मिली। हांसी सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
जांच अधिकारी एएसआई नरेश के मुताबिक जगमेंद्र के बेटे विकास और आकाश ने रिपोर्ट में बताया कि उनके पिता गांव महजत स्थित शराब ठेके पर कार्यरत थे। 16 जुलाई की रात कुछ युवक शराब लेने पहुंचे। ठेका बंद होने के कारण उन्होंने शराब देने से मना किया तो उन्हें पीटा। इसके बाद उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार रात उन्हें सूचना मिली कि जगमेंद्र अस्पताल से गायब हो गए। सोमवार सुबह सूचना मिली कि सिरसा चुंगी के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। परिजनों के मौके पर पहुंचने पर शव की शिनाख्त जगमेंद्र के रूप में हुई। घटनास्थल पर अस्पताल की व्हीलचेयर भी मिली जिसके बाद एंबुलेंस से शव को अस्पताल लाया गया। विकास ने आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत मारपीट में आईं चोटों के कारण हुई है। जांच अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी नई चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
चाय पीने के लिए वार्ड से बाहर चला गया: पीएमओ
जिला नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) रीना जैन ने बताया कि जगमेंद्र की एमएलसी कटी हुई थी। वह वार्ड नंबर-7 में भर्ती था। उसका बेटा तीमारदार के तौर पर साथ था। वह रात को स्टाफ को घर से कपड़े लाने की बात कहकर चला गया। रात में ही जगमेंद्र चाय पीने के लिए व्हीलचेयर लेकर वार्ड से बाहर चला गया। वह शराब पीने का आदी होने के कारण किसी की मदद से सिरसा चुंगी तक पहुंच गया। उसकी मौत कैसे हुई इसकी जानकारी अभी नहीं है। पूरे मामले में अस्पताल स्टाफ की किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
नागरिक अस्पताल में भर्ती कोई व्यक्ति व्हीलचेयर लेकर अस्पताल से बाहर चला जाए और किसी गार्ड की उस पर नजर न पड़े। इससे जाहिर है कि अस्पताल में रात में व्यवस्था भगवान भरोसे है। जगमेंद्र अपने वार्ड से निकलकर चाय पीने गया। यह तो ठीक है लेकिन वह व्हीलचेयर से मेन रोड पर चला गया और किसी गार्ड ने रोक-टोक तक नहीं की। इससे अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।