हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के आंदोलनरत विद्यार्थी 24 जून को छात्र न्याय महापंचायत करेंगे। धरनास्थल पर हुई बैठक में विद्यार्थियों ने विभिन्न संगठनों के साथ बैठक कर यह फैसला किया है। वहीं, कोआर्डिनेशन कमेटी ने धरनास्थल पर पहुंच विद्यार्थियों को बातचीत का निमंत्रण दिया। हालांकि विद्यार्थियों ने निमंत्रण स्वीकार नहीं किया। उधर, विद्यार्थियों ने 18 शिक्षकों के खिलाफ मुख्य सचिव को शिकायत भेजी है। इन शिक्षकों पर प्रताड़ित करने व धमकाने का आरोप लगाया गया है।
एचएयू के विद्यार्थियों का बेमियादी धरना बुधवार को 9वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरनास्थल पर हिसार लोकसभा से पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने पहुंचकर विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विद्यार्थियों में वीसी को लेकर बहुत नाराजगी है। उनकी जानकारी के बिना विद्यार्थियों को पीट दिया जाए, ऐसा संभव नहीं है। ऐसे हालात में अगर विद्यार्थी उनके इस्तीफे की मांग करते हैं तो वह एकदम सही है।
आंदोलन में जातिगत कार्ड खेलने का सवाल काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार की फितरत के कारण छात्रों को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ा। विद्यार्थियों पर केस दर्ज होने के सवाल पर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि इस पर जिला प्रशासन व सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। विद्यार्थियों पर दर्ज केस को वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में जितने विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं, उससे यही लगता है कि उनमें पूरी एकता है और वह हिम्मत के साथ अपनी मांगों के समर्थन में खड़े हैं।