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विश्वविद्यालयों को अनुदान की जगह लोन देने के निर्णय के विरोध में उतरे दो विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ

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जीजेयू में धरने पर बैठे जीजेयू शिक्षक संघ के शिक्षकगण। - फोटो : City
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हिसार। हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेेश के 10 विश्वविद्यालयों को अनुदान यानी वित्तीय सहायता की जगह बजट को लोन के रूप में देने के आदेशों का जिले के दो विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघों ने विरोध किया है। ये आदेश वापस लेने की मांग करते हुए शिक्षक संघों के प्रदर्शन किया।
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गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने बुधवार को कुलपति कार्यालय के सामने सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 तक धरना दिया। जीजेयू शिक्षक संघ के प्रधान प्रोफेसर ऋषि पाल ने बताया कि हमारा शिक्षक संघ हरियाणा सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों अनुदान राशि देने की जगह लोन देने के निर्णय का विरोध करता है। उन्होंने बताया कि धरने के बाद कुलपति के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, चेयरमैन यूजीसी, चेयरमैन एआईसीटीई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उधर लुवास प्राध्यापक संघ ने भी अनुदान की जगह लोन देने के आदेश के विरोध में धरना दिया। लुवास प्राध्यापक संघ ने कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
तीन दिनों से काले बिल्ले लगाकर जता रहे विरोध
जीजेयू शिक्षक पिछले तीन दिनों से इसके विरोध में काले बिल्ले लगा कर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 मई को रोहतक में हरियाणा के सभी शिक्षक संघ और गैर शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल बैठक करके आगामी निर्णय लेगा। इस मौके पर शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष विजेंद्र कौशिक, सचिव राजेश ठाकुर, सह सचिव रनजीत, कोषाध्यक्ष डॉ. प्रियंका, डॉ. सोमदत्त, डॉ. मनीषा, डॉ. संतोष कौशिक आदि मौजूद रहे।
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गरीब विद्यार्थी उच्च शिक्षा से रह जाएगा वंचित
लुवास के प्राध्यापक डॉ. इंदु, डॉ. अमित पूनिया, डॉ. मान सिंह, डॉ. सुमित महाजन, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. सतीश जांगड़ा, डॉ. अंसुल लाठर, डॉ. स्वाति दहिया व डॉ. गौरव चराया ने बताया किहरियाणा सरकार द्वारा लुवास को वित्तीय सहायता की जगह बजट को लोन के रूप में देने का निर्णय गरीब एवं ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित करने की साजिश है। यह सरकारी विश्वविद्यालयों को प्राइवेट हाथों में देने के लिए किया जा रहा है। वहीं विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की नौकरियों पर भी प्रश्न चिह्न लग गया है क्योंकि विश्वविद्यालय यह ऋण चुकाने में सक्षम नहीं है।
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