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सुविधा: 5 नहीं अब एक दिन में मिलेगी टीबी की जांच रिपोर्ट, देश का पहला पायलट प्रोजेक्ट हरियाणा के हिसार में शुरू

Thu, 05 May 2022 01:46 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

टीबी की जांच के लिए हिसार में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यहां 5 दिन नहीं अब एक दिन में रिपोर्ट मिलेगी।  देश में पहली बार शुरू किए प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य मरीज की पहचान जल्दी करना है। इससे संक्रमण पर अंकुश लगेगा। 
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पायलट प्रोजेक्ट को लेकर बैठक करते स्वास्थ्य विभाग और संस्था के अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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देश में पहली बार टीबी की जांच के लिए हरियाणा के हिसार के टीबी अस्पताल में पायलट प्रोजेक्ट आरंभ हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से टीबी का जो टेस्ट होगा उसकी रिपोर्ट एक दिन में ही मिल जाएगी। अभी तक यह रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन लग जाते हैं। विदेश की आईडीडीएस एजेंसी इस प्रोजेक्ट को लेकर आई है और विदेश की एक संस्था यूएस एड इसकी फंडिंग कर रही है। नौ महीने तक यह प्रोजेक्ट चलेगा। दो संस्थाएं तीन और छह महीने में सर्वे करेगी। इसके बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। अगर, रिपोर्ट सकारात्मक आती है तो इस प्रोजेक्ट को पूरे देश में शुरू किया जाएगा।  

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डिप्टी सीएमओ डॉ. अनामिका ने बताया कि नौ महीने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। आईडीडीएस एजेंसी प्रोजेक्ट को लेकर आई है। यूएस एड संस्था जांच का खर्च उठा रही है। पहले टीबी की जांच की जाती थी तो 100 में से 60 प्रतिशत ही लोग पकड़ में आते थे। ऐसे में ये लोग टीबी का संक्रमणफैलाते थे। अब आईडीडीएस एजेंसी ने थायरो केयर लैब से करार किया है।

यह लैब एक दिन में ही रिपोर्ट सौंप देगी। पहले यह रिपोर्ट मिलने में चार से पांच दिन लगते थे। इसके अलावा अन्य टेस्ट भी होंगे, जिसमें पता चलेगा इस मरीज पर कौन सी दवा असर करेगी। उसकी रिपोर्ट चार से पांच दिन में आ जाएगी। पहले यह रिपोर्ट आने में पांच से छह महीने लग जाते थे। 
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रिपोर्ट आते ही शुरू होगा उपचार 
चिकित्सक अनामिका ने बताया कि टीबी मरीज की एक दिन में ही रिपोर्ट आ जाएगी। अगर, रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो मरीज का उसी दिन उपचार शुरू कर दिया जाएगा। मरीज सावधानी बरतेगा कि उसके संपर्क में परिवार के सदस्य न आएं। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यह है कि मरीज की पहचान जल्दी होगी और उसका उपचार जल्दी शुरू होगा। ऐसे में टीबी फैलने पर अंकुश लगाया जा सकता है। 

दो संस्था करेगी सर्वे
सीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने बताया कि नौ महीने तक चलने वाले पायलट प्रोजेक्ट का दो विदेश संस्था सर्वे करेगी। तीसरे और छठे महीने में सर्वे होगा। सर्वे की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। वह आकलन करेगी कि इस पायलट प्रोजेक्ट से टीबी पर अंकुश लगा है और जल्द उपचार शुरू हुआ है तो इस प्रोजेक्ट पूरे देश में भी चलाया जा सकता है। इस मौके पर आरडीडीएम के प्रमुख मोमोयर, रिति होब्सन, इंडिया प्रमुख डॉ. संजीव, यूएस एड की इंडियन ब्रांच के प्रमुख डॉ. उमेश एलावादी, डब्ल्यूएचओ टीबी कंसल्टेट डॉ. अनुज, थायरो केयर लैब से प्रतिनिधि डॉ. चैताली निगम आदि मौजूद रहे। 

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