किसान पवन कुमार ने अपने खेत में 12 फीट गहरा और 65 गुना 90 फुट चौड़ा टैंक बनवा रखा है। इस रबी सीजन में इससे सिंचाई भी शुरू हो गई। टैंक बनवाने के लिए कर्ज ले रखा है। अब तक दो किस्त मिली है। तीसरी का इंतजार है।
किसान महेंद्र ने अपने खेत में 100 गुना 90 फुट चौड़ा व 12 फुट गहरा टैंक बनवाया है। टैंक निर्माण के लिए 3 लाख रुपये एक व्यक्ति से कर्ज लिया था। अभी तीसरी किस्त नहीं मिली है। जबकि इससे संबंधित फाइल चार माह पहले सत्यापित हो चुकी है।
किसान रविंद्र ने अपने खेत में 120 गुना 120 फीट चौड़ा व 12 फुट गहरा टैंक बनवाया है। टैंक बनवाने समेत अन्य उपकरणों की खरीद में लगभग 10 लाख रुपये खर्च हो गए। विभाग की तरफ से एक रुपये का भी भुगतान नहीं हो पाया है।
माइक्राे एरिगेशन एंड कमांड एरिया डेवलेपमेंट अथॉरिटी (मीकाडा) के हिसार जिले में कार्यरत अफसरों के पास योजना के प्रबंधन से संबंधित सामान्य जानकारी भी नहीं है। प्रबंधक व एसडीओ का कार्य देख रहे अफसरों का कहना है कि इससे संबंधित सारी जानकारी पंचकूला मुख्यालय से ही मिलती है। स्थानीय अफसर केवल आवेदन से संबंधित पत्रावलियों का सत्यापन करते हैं। बजट की कमी के चलते कई किसानों को किस्त नहीं मिल पाई है, इसकी जानकारी किसानों ने हमें भी दी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे विभाग के पोर्टल पर दर्ज नंबरों पर संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान जान सकते हैं।