हिसार। गांव तलवंडी राणा में प्रदेश का पहला ऑक्सीजन जोन बनाया जाएगा। इस मॉडल को राह ग्रुप फाउंडेशन के तत्वावधान में तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। फाउंडेशन की ओर से गांव तलवंडी राणा की श्मशान भूमि में करीब सात एकड़ में एक हजार से अधिक औषधीय, छायादार व फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे।
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश सेलपाड़, राह क्लब हिसार के अध्यक्ष सूर्यकांत शर्मा व तलवंडी राणा ऑक्सीजन विलेज कमेटी के संयोजक सारदुल वर्मा के अनुसार तलवंडी राणा गांव की श्मशान भूमि में बरगद, पीपल, नीम, पील/जाल, कदम, शीशम, आंवला, अमलतास, जॉटी, कनेर, चांदनी, गुगल बेल, अर्जुन, अमरूद, आम, जामुन, एलोवेरा, तुलसी, गिलोय इत्यादी के 1000 पौधे लगाए जाएंगे। पहले व दूसरे चरण में पौधरोपण किया जाएगा। तीसरे चरण में यहां भव्य पार्क का निर्माण किया जाएगा, इसमें सरकार का कोई योगदान या सहयोग नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना का शुभारंभ 4 जुलाई रविवार को होगा। फाउंडेशन की ओर से विकसित किए जाने वाले प्रदेश के पहले ऑक्सीजन जोन विलेज पार्क की देखरेख के लिए के लिए गांव के 21 युवाओं की कमेटी बनाई जाएगी।
पुराने पौधों का भी होगा संरक्षण, मटका थैरेपी आकर्षण का केंद्र रहेगी
ऑक्सीजन जोन विलेज कमेटी संयोजक डॉ. सीताराम जागड़ा और डॉ. रामफल वर्मा के अनुसार तलवंडी राणा के श्मशान घाट में पहले से लगे पौधों को भी नया आकार प्रदान कर सुंदर बनाया जाएगा। जिसमें पुरानी कीकर व जाल व दूसरे पौधों को सफेदी करके या दूसरे प्रकार से संरक्षित किया जाएगा। इस ऑक्सीजन जोन पार्क में उपयोग होने वाली मटका थैरेपी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस तकनीक से बेहद कम पानी की मात्रा का उपयोग करते हुए पौधों को लंबे समय तक सिंचित किया जा सकता है।
प्रत्येक शुभ अवसर पर पौधों को देंगे पानी
प्रदेश के पहले इस पहले ऑक्सीजन जोन विलेज पार्क के विकास में सभी ग्रामीण मिल कर सहयोग करेंगे। राह संस्था के चेयरमैन नरेश सेलपाड़ के अनुसार गांव में वैवाहिक रस्मों, अपने बच्चों के जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या इसी प्रकार के दूसरे शुभ अवसरों पर ग्रामीण इन पौधों में पानी देने के लिए एक टैंकर पानी का सहयोग करेंगे। इसके लिए अवसर विशेष को यादगार बनाने के लिए वन संरक्षण कमेटी विशेष व्यवस्था भी करेगी।