हिसार की वैध कॉलोनियों के 47 अवैध टुकड़ों को वैध करने के मामले में नया पेच फंस गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम की सर्वे रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए कुछ आपत्तियां लगाई हैं। अब नगर निगम ने मुख्यालय से नए सिरे से टेंडर लगाकर सर्वे करने या जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) की एजेंसी के रेट पर सर्वे कराने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही नगर निगम ने 38 अवैध कॉलोनियों के नक्शे निशानदेही के लिए जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) के पास भेजे हैं। निशानदेही होने के बाद इन्हें मंडलायुक्त के माध्यम से सरकार के पास भिजवाया जाएगा।
शहर की वैध कॉलोनियों में काफी ऐसे टुकड़े हैं, जो अब भी अवैध हैं। मुख्यालय ने नगर निगम को आदेश दिए थे कि ऐसे टुकड़ों का सर्वे करवाकर भिजवाएं ताकि इन्हें भी वैध किया जा सके। हालांकि सर्वे उस एजेंसी से करवाने के आदेश दिए थे, जिस एजेंसी से डीटीपी ने सर्वे करवाया था। बाद में मुख्यमंत्री ने निगम प्रशासन को खुद ही इन टुकड़ों का सर्वे करने के आदेश दिए। निगम अधिकारियों ने इन टुकड़ों का ड्रोन से सर्वे करवाया और रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंप दी। मगर मंडलायुक्त ने इनमें से 30 की सर्वे रिपोर्ट को मंजूर कर मुख्यालय भिजवाया था। मुख्यालय ने रिपोर्ट पर आपत्ति लगाते हुए कहा है कि इसमें विकास योजना नहीं है। अंदरूनी सड़कों की चौड़ाई भी नहीं दी गई है।
निगम ने पूछा-क्या दोबारा से इन टुकड़ों का सर्वे करवा लिया जाए
नगर निगम ने मुख्यालय से 47 टुकड़ों का फिर से सर्वे करवाने की अनुमति मांगी है। इसके पीछे निगम अधिकारियों ने तर्क दिया है कि उन्होंने उस एजेंसी से भी संपर्क साधा है, जिसने डीटीपी के लिए सर्वे किया था। मगर उस एजेंसी ने 850 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खर्च मांगा, जबकि डीटीपी के लिए 150 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सर्वे किया था।
एजेंसी से इसका कारण पूछा तो बताया कि डीटीपी ने करीब 20 हजार एकड़ जमीन का सर्वे करवाया था, जो 2020 में किया गया था, जबकि निगम का एरिया सिर्फ 1200 एकड़ है। उधर, निगम ने 38 अवैध कॉलोनियों के नक्शे निशानदेही के लिए डीटीपी के पास भिजवा दिए गए हैं। अब इन नक्शों पर बफर जोन, प्रतिबंधित एरिया आदि की निशानदेही करवाई जाएगी। इसके बाद नक्शों को मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्यालय भिजवाया जाएगा।
इन कॉलोनियों के हैं टुकड़े
विकास नगर, मॉडल टाउन एक्सटेंशन, योग नगर नजदीक सेक्टर 1, शिव नगर मेला ग्राउंड के पास, नेता कॉलोनी, तायल गार्डन, आंबेडकर कॉलोनी, ऋषि नगर, लाजपत नगर, न्यू ऋषि नगर, राजीव नगर, महाबीर कॉलोनी, सूर्य नगर, आदर्श नगर सेक्टर 1, हनुमान नगर, गवर्नमेंट काॅलोनी, सेक्टर 9-11, शास्त्री नगर, नवदीप कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, श्याम विहार टू, राजाराम गार्डन, आजाद नगर नजदीक कैमरी रोड एरिया की एडजेस्टमेंट कॉलोनी, उमेद विहार कॉलोनी, लक्ष्मी विहार कॉलोनी और प्रोफेसर कॉलोनी नजदीक आदर्श नगर।
2 एकड़ से कम एरिया वाले टुकड़े: चंद्रलेन, जगजीवन नगर, अग्रवाल कॉलोनी, न्यू ग्रेन मार्केट, सत्य नगर, न्यू ऋषि नगर, गवर्नमेंट कॉलोनी, उमेद विहार कॉलोनी, राजाराम गार्डन, न्यू ऋषि नगर, आदर्श नगर सेक्टर 1,न्यू मॉडल टाउन और लाजपत नगर।
इन कॉलोनियों के नक्शे डीटीपी को भेजे
भगत सिंह कॉलोनी फेज तीन, भगत सिंह कॉलोनी फेज चार, न्यू सत्य नगर, पंजाबी बाग, आनंद निकेतन एक्सटेंशन, गीता कॉलोनी एक्सटेंशन मिर्जापुर रोड, कौशिक नगर एक्सटेंशन, कृष्णा विहार, श्री श्याम विहार कॉलोनी, शिव कॉलोनी, गणेश वाटिका, देवनगरी, न्यू माल कॉलोनी, द एनक्लेव, श्याम वाटिका, लक्ष्मी विहार, न्यू वीआईपी कॉलोनी, लक्ष्मी विहार फेज दो, आजाद एनक्लेव, बालाजी एनक्लेव, चंद्रलोक, विराट नगर, अमर विहार फेज दो, किसान कॉलोनी, आंचल विहार, गीता कॉलोनी फेज 3, 4 व 5, साउथ सिटी एक्सटेंशन, सैनिक विहार 2 सातरोड, आदर्श कॉलोनी, मित्तल कॉलोनी, मित्तल कॉलोनी पार्ट टू, आशीर्वाद कॉलोनी 1 व 2, टावर कॉलोनी एक्सटेंशन टीसीपी, फौजी एनक्लेव कैंट, फौजी एनक्लेव 2, भगवान वाल्मीकि कॉलोनी टीसीपी 2 सातरोड कैंट, देवीलाल कॉलोनी एक्सटेंशन, बीएचपी कॉलोनी एक्सटेंशन, मित्तल कॉलोनी पार्ट 3, जय मां दुर्गा एनक्लेव, जय मां जगदंबे एनक्लेव, बीएचपी वाटिका फेज 2, ग्रीन एकड़, मधु कॉम्प्लेक्स, स्वास्तिक मार्बल एंड ग्रेनाइट्स, जय गार्डन और हरिदास कॉलोनी रानी सती माता मंदिर के पास।
वैध की गईं कॉलोनियां
शहीद भगत सिंह कॉलोनी-वार्ड 1, शहीद भगत सिंह कॉलोनी फेज-1-वार्ड 1, आरएस कॉलोनी, श्री कृष्णा एनक्लेव, न्यू कृष्णा एनक्लेव व न्यू कृष्णा एनक्लेव फेज टू- वार्ड 1, शिव कॉलोनी पार्ट टू-वार्ड 17, विश्वासपुरम कॉलोनी-वार्ड 14, हनुमान कॉलोनी एक्सटेंशन व बालाजी कॉलोनी कॉम्प्लेक्स-वार्ड 11, आदर्श कॉलोनी कैंट के पास-वार्ड 11, सैनिक विहार कॉलोनी टीसीपी तीन के सामने-वार्ड 11, साउथ सिटी, तारा नगर व जय श्री श्याम विहार कॉलोनी-वार्ड 12
अधिकारी के अनुसार
मुख्यालय ने निगम के सर्वे में कमियां गिनवाते हुए अधूरा बताया है। डीटीपी वाली एजेंसी काफी ज्यादा रेट मांग रही है। हमने मुख्यालय से पूछा है कि क्या उसी एजेंसी से सर्वे कराएं या नए सिरे से टेंडर लगाकर सर्वे करवाया जाए। वहीं, 38 कॉलोनियों के नक्शे निशानदेही के लिए डीटीपी को भिजवा दिए हैं।
- नीरज, निगमायुक्त, हिसार।