हांसी के सिविल अस्पताल में बैठे मनरेगा मजदूर व ग्रामीण।
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हांसी। सुल्तानपुर हादसे का मामला आखिर विधायक विनोद भयाना की मध्यस्थता के बाद चौथे दिन सुलझा गया। मृतकों के परिजनों को डीसी रेट पर नौकरी और चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिए जाने के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। वहीं दोनों महिलाओं के शवों वीरवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले को लेकर 45 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया था। इसमें अधिकतर अनुसूचित समाज के लोग शामिल रहे।
सात बास के प्रधान बलवान मलिक ने बताया कि हमने मृतक व घायलों के परिजनों को कहा था कि कमेटी जो फैसला करेगी उस से अगर परिजन खुश होंगे तभी हम आगे की रणनीति बनाएंगे। अगर पीड़ित परिजन आंदोलन के लिए कहेंगे तो पूरा सात बास उनके साथ खड़ा रहेगा। बलवान मलिक ने बताया कि पंचायत में बातचीत हुई उसके बाद हमने विधायक विनोद भयाना से इस मामले में बातचीत की। विधायक ने कहा कि वह मृतका निर्मला व गुड्डी के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुख्यमंत्री कोटे से व दो-दो लाख रुपये विधायक कोटे से देंगे।
वहीं विधायक ने बताया कि हादसे में जो दो अन्य महिलाएं गंभीर घायल हुई हैं उनको भी उसी तर्ज पर मुआवजा दिलाया जाएंगे। घायलों के इलाज पर जो भी खर्चा होगा उसको भी सरकार वहन करेगी। विधायक ने बताया कि दो मृतक महिलाओं के परिजनों व दो गंभीर रूप से घायल महिलाओं को डीसी रेट पर नौकरी भी दिलवाई जाएगी। इस बात से मृतक व घायल परिजन व ग्रामीण मान गए। इसके बाद शवों का दाह संस्कार गांव में कराया गया। गौरतलब रहे कि सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे गांव सुल्तानपुर में ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली मनरेगा मजदूरों पर पलट गई थी। इस दौरान दो महिलाओं की मौत जबकि पांच अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थी।