हिसार। हरियाणा सरकार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अभी तक शिक्षा निदेशालय की ओर से पुस्तकें प्रदान नहीं करवाई गई हैं। पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा के विद्यार्थी पुरानी किताबों के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं। मौजूदा विद्यार्थी उसी कक्षा में पास हो चुके विद्यार्थियों से पुस्तकें ले रहे हैं। सत्र 2021-22 के दो महीने बीत चुके हैं। ऐसे में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही है। विद्यार्थियों को सभी विषयों की पुस्तकें भी नहीं मिल रही है। अगर बाजार से पुस्तकें लेना चाहे तो उन्हें भारीभरकम मूल्य पर खरीदनी पड़ रही है। जिला शिक्षा विभाग शिक्षा निदेशालय को पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या अनुसार पुस्तकों की डिमांड भेज चुका है, लेकिन अभी तक विद्यार्थियों तक पुस्तकें नहीं पहुंच पाई है।
हरियाणा राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव सुनील बास ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो साल से पुस्तकें नहीं मिल रही है। शिक्षकों ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण विभाग ने प्राइमरी विद्यार्थियों के खाते में पुस्तक खरीदने के 250 रुपये देने की घोषणा की थी। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि लॉकडाउन में जिन विद्यार्थियों के सितंबर माह में दाखिले हो गए थे उनके खाते में तो 250 रुपये जमा हो गए। बाकी विद्यार्थियों के खाते में 250 रुपये जमा नहीं हुए। सुनील बास ने बताया कि रुपये प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बाजार से पुस्तकेें नहीं मिली। क्योंकि ये पुस्तकों सरकारी पब्लिकेशन की है। उन्होंने बताया कि पुस्तकें न मिलने के कारण पढ़ाने में काफी समस्याएं आ रही हैं।
कक्षा वाइज पुस्तकों की डिमांड
कक्षा किताब
पहली 14061
दूसरी 13744
तीसरी 13824
चौथी 13634
पांचवीं 14511
छठी 15007
सातवीं 13932
आठवीं 13580
कुल 112293
शिक्षा निदेशालय की ओर से पहली से कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें दी जाती है। इसके लिए हमने शिक्षा निदेशालय को छात्रों की संख्या के अनुसार पुस्तकों की डिमांड भेज रखी है। अभी तक पुस्तकें हमारे पास नहीं आई हैं। छात्रों द्वारा अपनी पुस्तकों का आदान-प्रदान करके पढ़ाई की जा रही है। ग्रीष्मकालीन अवकाश में शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए पाठ्यक्रम से ही होमवर्क दिया जाएगा। जैसे ही पुस्तकें हमारे पास आएंगी उसी समय स्कूलों में भेजकर विद्यार्थियों में बांट दिया जाएगा। - धनपत राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी हिसार