हांसी। नागरिक अस्पताल में दो महीने से विटामिन ए की दवा का टोटा है। एक से पांच वर्ष की आयु के बच्चों को यह दवा टीकाकरण के साथ पिलाई जाती है। दवा की किल्लत से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन प्रभावित हो रहा है। यह दवा बच्चों को चर्म और आंख से संबंधित बीमारियों से बचाती है। यह अल्सर को बढ़ने से और कैंसर को रोकने में भी मददगार होती है। इसकी कमी से आंखों की रोशनी पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
सरकार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के तहत से 1-5 वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण के समय पिलाई जाने वाली विटामिन ए की दवा की डोज पिलाना जरूरी किया है। नागरिक अस्पताल में सितंबर महीने के अंत से विटामिन ए का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। न ही चिकित्सकों को पता है कि इसका स्टॉक कब आएगा। इसकी सप्लाई हिसार या फिर कुरुक्षेत्र से आती है।
आमतौर पर शहर के अलग अलग क्षेत्रों में प्रतिदिन लगने वाले टीकाकरण शिविर में रोजाना सैकड़ों बच्चों का टीकाकरण होता है। बच्चों को दवा की डोज पिलाने के लिए अभिभावक भी शिविर में पहुंच रहे हैं, लेकिन दवा का स्टॉक उपलब्ध नहीं होने से उनको निराश होना पड़ रहा है।
छह महीने के अंतराल में दवा पिलाना जरूरी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के चार्ट के मुताबिक बच्चे को पांच साल तक 6 महीने के अंतराल में विटामिन ए की दवाई पिलाई जाती है। शुरू में दवाई नवजात से 9 महीने के अंतराल में पिलाई जाती है। 16वें महीने में दूसरी ड्रॉप पिलाने का समय है। 6 महीने में पांच साल तक यह दवाई पिलाई जाती है।
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विटामिन ए की दवा खत्म है। इसके लिए हम विभाग से मांग कर चुके हैं। सप्लाई हिसार के जिला अस्पताल से आती है। जब वहां दवा आएगी तो यहां भिजवाई जाएगी।- डॉ़ राहुल बुद्धिराजा, एसएमओ, नागरिक अस्पताल