शहर को जाम से मुक्त करने के लिए बस स्टैंड के पिछले गेट से बसों का संचालन शुरू किया गया था। अधिकतर बसें इसी गेट से ही जा रही हैं मगर रोडवेज और प्राइवेट बसों के चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सेक्टर 14 के गेट नंबर-1 से बसें निकाली जा रही हैं। लोगों को हादसे का डर सता रहा।
गत दिनों मामला रोडवेज महाप्रबंधक (जीएम) राहुल मित्तल के पास भी पहुंचा था। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब सेक्टरवासी दोबारा रोडवेज महाप्रबंधक और उपायुक्त अनीश यादव से मिलेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो सेक्टरवासी आगामी रूपरेखा तैयार करेंगे।
सेक्टरवासियों का कहना है कि पॉश इलाके में बसें निकालने की कोई अनुमति नहीं है। बरवाला, अग्रोहा, सिरसा, चंडीगढ़, रूट की बसों के चालक शॉर्टकट के चक्कर में गेट नंबर-1 से बसें निकाल रहे हैं। उनकी मांग है कि चालक पिछले गेट से बसें निकालकर बाईपास लेकर जाएं।
-
रोडवेज और प्राइवेट बसों के चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। सेक्टर के अंदर से बसें निकालने का कोई प्रावधान नहीं है। हादसा होने का डर बना हुआ है। रोडवेज अधिकारियों के पास मामला जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
- प्रवीण सिंघल, संरक्षक, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-14 पार्ट-2
बाईपास से बसें निकालने की बजाय सेक्टर-14 के गेट नंबर-1 से बसें निकाली जा रही है। इस कारण सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। नियमों का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। चालक लापरवाही से बसें चलाते हैं। चालकों पर कार्रवाई की जाए और चालान काटे जाएं।
- कर्मवीर सिंह, निवासी, सेक्टर-14 पार्ट-2
-
पूरे दिन हादसे का डर रहता है। रोजाना सेक्टर-14 के गेट से 50 से ज्यादा बसें निकल रही है। एक बार रोडवेज और आरटीए के अधिकारी यहां आकर देखे और चालकों पर कार्रवाई करें। यदि कोई हादसा होगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- भूप सिंह सोनी, निवासी, सेक्टर-14 पार्ट-2
-
हमारे पास 15 दिन पहले शिकायत आई थी। उसके बाद गेट के पास कर्मचारी की डयूटी लगाई गई ताकि बसें सेक्टर-14 के गेट से न निकलें। यदि अब भी बसें निकाली जा रही है तो उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
- प्रीतम सिवाच, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज