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Hisar: क्रांतिमान पार्क में छात्र हित महापंचायत का आयोजन, इन मुद्दों पर होगी चर्चा; जुटने लगी भीड़

Mon, 27 Apr 2026 12:57 PM IST
शाहिल शर्मा माई सिटी रिपोर्टर, हिसार

सार

छात्र संगठनों के अलावा इम महापंचायत में खाप प्रतिनिधि व सामाजिक संगठन भी हिस्सा लेंगे। महापंचायत में प्रदेश में छात्र चुनाव बहाली पर चर्चा की जाएगी। 
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क्रांतिमान पार्क में छात्र हित महापंचायत का आयोजन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिसार शहर के क्रांतिमान पार्क में सोमवार को छात्र हित महापंचायत में युवा पहुंच गए हैं। छात्र संगठनों की तरफ से इस महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें छात्र संगठनों के अलावा खाप प्रतिनिधि व सामाजिक संगठन भी हिस्सा लेंगे। महापंचायत में प्रदेश में छात्र चुनाव बहाली पर चर्चा की जाएगी। इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने कहा कि महापंचायत का मकसद कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में छात्र हितों के साथ किए जा रहे कुठाराघात के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। 
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उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक रूप दिया जा रहा है जबकि यह पूरी तरह से गैर राजनीतिक है और इसके आयोजक सभी छात्र संगठन हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इस महापंचायत में छात्र संघ चुनाव बहाली पर भी चर्चा की जाएगी। इनसो ने जीजेयू में छात्र संवाद की अनुमति मांगी थी मगर प्रशासन ने तानाशाही पूर्वक कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी। इनसो के कार्यकर्ता जब कुलपति से मिलने गए तो उन पर एफआईआर जिन धाराओं के तहत दर्ज हुईं, वो संगीन नहीं थी। उन धाराओं में कहा गया कि दो गमले तोड़े गए हैं। 
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कुलपति के कहने पर टीमें गठित की गईं और छात्र नेताओं को इस तरह से उठाया गया जैसे वह बड़े अपराधी हों। जिन 6 लोगों को रात को गन प्वाइंट पर उठाया गया। एक वीडियो भी आया कि एक सीआईए का इंस्पेक्टर एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के घर पिस्तौल को लोड करके घुसता है। ये सिर्फ दशहत पैदा करने के लिए था। इन 6 लोगों में से 5 लोगों का एफआईआर में नाम ही नहीं था। जिनके नाम एफआईआर में थे और जब वे गिरफ्तारी देने पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार करने से मना कर दिया।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रकरण के बारे में उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी एक संवाद कार्यक्रम हुआ और वहां के कुलपति ने कहा कि कार्यक्रम में कुर्सियां टूटीं। इस पर हमने कहा कि हम उन कुर्सियों का नुकसान भर देंगे। सरकार के छात्र संगठन एबीवीपी ने विरोध किया। एबीवीपी के कार्यकर्ता कुलपति के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे जिनका कुलपति गुलदस्ता देकर स्वागत करता है। विश्वविद्यालय का सीएसओ एबीवीपी का प्रांत उपाध्यक्ष है। वहां भी कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।  पहले कुलपति की शैक्षिक योग्यता होती थी कि वे शिक्षाविद हों लेकिन आज योग्यता है कि वे आरएसएस के पदाधिकारी हों। विश्वविद्यालयों में भगवाकरण के इंजेक्शन को लेकर सभी छात्र संगठन लामबद्ध हैं। 
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