हांसी। शहर में रात को जलने वाली स्ट्रीट लाइट बेशक रात में न जलें, लेकिन दिन में यह जरूर जलती रहती हैं। न तो परिषद व न ही प्रशासन इस तरफ ध्यान दे रहा है। खास बात तो ये है कि अधिकतर लाइटों के ऑन-ऑफ करने के स्विच ही नहीं हैं। इस कारण आम आदमी चाह कर भी इन जलती हुईं लाइटों को बंद नहीं कर पाता है।
वहीं कई समाजसेवी संस्थाओं की ओर से अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया जाता है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। शहर के लोगों ने बताया कि नगर परिषद के कर्मियों को इतना तो ध्यान देना ही चाहिए कि कब प्रकाश की जरूरत है और कब नहीं। दिन में स्ट्रीट लाइटों का बंद न होना नगर परिषद की लापरवाही को दर्शाता है। बिजली विभाग के कर्मचारियों की मानें तो कम से कम 40 वाट की स्ट्रीट लाइट लगती है। यह कई जगह बढ़ाई भी जा सकती है। 40 वाट की एक स्ट्रीट लाइट अगर 24 घंटे जलेगी तो वह एक यूनिट बिजली खर्च करेगी। ऐसे में एक स्ट्रीट लाइट से एक यूनिट व्यर्थ जा रही है, तो शहर की अधिकतर स्ट्रीट लाइटों के हालातों को ध्यान में रखकर एक महीने और फिर एक साल का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। नगर पार्षद भी लगातार शहर की स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या को बार बार उठाते आ रहें हैं मगर उसके बाद ही हालात जस के तस बने हुए हैं।
नगर परिषद फिजूल खर्ची कर रहा
शहरवासी राकेश, शिवकुमार व मनमोहन ने बताया कि पिछले कई दिनों से रोजाना ही सुबह के समय यह स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं पर बंद करने की जहमत नही उठाई जाती है। इन लोगों का कहना है कि लोगों की ओर से टैक्स में दिए गए पैसों को नगर परिषद फिजूल में खर्च कर रही है।
नगर परिषद की सीमा में लगभग 11 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट हैं और 250 के करीब हाईमास्ट लाइट चौराहों पर लगी हुई हैं। इनमें से अधिकतर खंभों पर लगी लाइट शोपीस बनी हुई हैं। ज्यादातर लाइट या तो बंद पड़ी हैं या फिर उससे कम रोशनी निकल रही है। कहीं स्विच खराब हैं, तो कहीं कनेक्शन का तार टूटा और लटका हुआ है।
10 महीने पूर्व नगर परिषद ने हिसार की फर्म को शहर की स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का ठेका करीब 45 लाख रुपये में दिया गया था। उसके बाद भी शहर की अधिकतर सड़कों पर अंधेरा पसरा हुआ है। शहर के लोग अंधेरे में ही सड़कों से निकलने के लिए मजबूर हैं।
तीन मार्च को टेंडर खत्म हो रहा है
नगर परिषद के चेयरमैन प्रवीन इलावादी ने कहा कि वह लगातार शहर की स्ट्रीट लाइट को ठीक करवाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अभी जिस फर्म को टेंडर दिया गया था उसका टेंडर 3 मार्च को खत्म हो रहा है जल्द नया टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।