हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के सायना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान में जुलाई से सितंबर 2026 तक विभिन्न विषयों पर तीन से पांच दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान मधुमक्खी पालन, संरक्षित खेती (पॉलीहाउस) में सब्जी उत्पादन, बेकरी, कटाई एवं सिलाई, नर्सरी तैयार करना, केंचुआ खाद उत्पादन तथा सोयाबीन से सोया दूध बनाने की तकनीक शामिल है। डेयरी फार्मिंग और मशरूम उत्पादन तकनीक पर भी प्रशिक्षण देकर युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
संस्थान के सह-निदेशक डॉ. अशोक कुमार गोदारा ने बताया कि इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य युवाओं, किसानों और इच्छुक नागरिकों को स्वरोजगार से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देना है।
प्रदेश के किसी भी वर्ग और आयु के इच्छुक महिला एवं पुरुष इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के साथ राज्य एवं केंद्र सरकार की संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा प्रशिक्षण :
प्रशिक्षण के लिए इच्छुक लोग 10 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक संस्थान में आवेदन जमा करा सकते हैं। जुलाई के प्रशिक्षण सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक तथा अगस्त और सितंबर के प्रशिक्षण सुबह 9 से शाम 4:30 बजे तक होंगे। प्रशिक्षण ''पहले आओ, पहले पाओ'' के आधार पर दिया जाएगा। आवेदन के साथ पासपोर्ट आकार का फोटो और आधार कार्ड की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। बेरोजगार युवाओं और किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि अध्ययनरत कृषि विद्यार्थी इस प्रशिक्षण के पात्र नहीं होंगे।