हिसार। स्कूल व कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को सुरक्षित सफर मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिले में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही स्कूल बसों के कारण हो रहे हादसों को रोकने के लिए अब सीएम फ्लाइंग हिसार और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की टीमें मिलकर विशेष चेकिंग अभियान चलाएंगी।
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना और आरटीए के यातायात निरीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में अभियान के तहत न केवल स्कूल बसों की फिटनेस जांची जाएगी बल्कि सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
इन मानकों की होगी कड़ी जांच
दस्तावेज व फिटनेस : बसों के वैध कागजात और फिटनेस सर्टिफिकेट।
सुरक्षा उपकरण : सीसीटीवी कैमरे, अग्निरोधी गैस सिलिंडर और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) बॉक्स की उपलब्धता।
स्टाफ वेरिफिकेशन : चालकों का मेडिकल टेस्ट, वर्दी, चरित्र और नशे की प्रवृत्ति को लेकर वेरिफिकेशन रिपोर्ट।
परिचालक : बस में प्रशिक्षित अटेंडेंट का होना अनिवार्य।
गति सीमा : निर्धारित स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन।
लापरवाही पर होगी सीधे इंपाउंड की कार्रवाई
सीएम फ्लाइंग की इंचार्ज सुनैना ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। चेकिंग के दौरान यदि किसी बस की फिटनेस खराब पाई जाती है या जरूरी मानक पूरे नहीं मिलते हैं तो भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ बस को जब्त किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधनों को हिदायत दी है कि बच्चों को बस में चढ़ाने और उतारने के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए।