मंगाली की बेटियों ने अपने प्रदर्शन के बलबूते राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, लेकिन खेल सामग्री के लिए तरस रही हैं। बेटियों की इस समस्या को अमर उजाला ने 24 जनवरी के अंक में 'अपने पैसों से सामग्री खरीदकर खेल रहीं 100 से ज्यादा बेटियां' शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस मामले को खेल मुख्यालय पंचकूला ने संज्ञान में लिया है। राज्य खेल निदेशक एसएस फूलिया ने जिला खेल अधिकारी से जवाब मांगा है। वहीं, अमर उजाला की खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस संबंध में सीटीएम (नगराधीश) हिसार ने भी सोशल मीडिया पर ही जिला खेल विभाग से जवाब मांगा। मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद जिला खेल विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। जिला खेल अधिकारी कृष्ण कुमार बेेनीवाल का कहना है कि उनके पास सीटीएम कार्यालय से जवाब मांगा गया था। जिसका जवाब उन्होंने दे दिया गया है। बेटियों की राज्य स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां मांगी गई हैं। उपलब्धियां मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी और कुछ खेल सामग्री मुहैया करवाई जाएगी।
100 से ज्यादा बेटियां कर रहीं अभ्यास
मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रोजाना सुबह-शाम 100 से ज्यादा बेटियां अभ्यास कर रही हैं। 70 से ज्यादा बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। इनमें से ज्यादातर बेटियों ने पदक हासिल किए हैं। वहीं इस मैदान से सात इंटरनेशनल बेटियां भी निकल चुकी हैं। इनमें से तीन बेटियां आज भी मंगाली गांव में अभ्यास करती हैं।
दो बेटियों का विश्व कप शिविर के लिए भी चयन
हाल ही में मंगाली की दो बेटियों नेहा और काजल का 2022 में भारत में होने वाले अंडर-17 फुटबाल विश्व कप की तैयारियों के लिए लगने वाले भारतीय टीम के शिविर के लिए चयन हुआ है। इतना ही नहीं, कई बेटियां इस मैदान पर अभ्यास कर खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी भी पाई है। समय-समय पर कार्यक्रम के दौरान इन बेटियों को सम्मानित भी किया जाता है। आज पूरा गांव इनका सम्मान करता है।
खेल सामग्री दी जाएगी
मंगाली गांव की फुटबाल खिलाड़ियों के संबंध में सीटीएम कार्यालय से जवाब मांगा गया था। उसका जवाब दे दिया है। हमने बेटियों की उपलब्धि मांगी है। उसी आधार पर आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। उन्हें खेल सामग्री भी दी जाएगी।
- कृष्ण कुमार बेनीवाल, जिला खेल अधिकारी, हिसार।