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Hisar News: ढाई घंटे पुश्तैनी हवेली में बिताए, पुरातात्विक स्थलों का किया भ्रमण

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राखीगढ़ी में अपने पुश्तैनी हवेली में ग्रामीणों के साथ मंत्री राजेश अग्रवाल। स्रोत : जागरूक पाठक - फोटो : राखीगढ़ी में अपने पुश्तैनी हवेली में ग्रामीणों के साथ मंत्री राजेश अग्रवाल। स्रोत : जागरूक पाठक
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नारनौंद। छत्तीसगढ़ सरकार के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल रविवार को पहली बार अपने पैतृक गांव राखीगढ़ी पहुंचे। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्री ने करीब ढाई घंटे अपनी पुश्तैनी हवेली में बिताए और ग्रामीणों से मुलाकात कर पुरानी यादों को ताजा किया।बाद में उन्होंने पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण भी किया।
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दोपहर करीब एक बजे गांव पहुंचने के बाद राजेश अग्रवाल सबसे पहले दादा खेड़ा और शिव मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह अपनी पुश्तैनी हवेली पहुंचे जहां ग्रामीणों की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। राममेहर सैन, सतबीर मलिक और रामकुमार लौरा ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
राजबीर शास्त्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि बंटी, राजबीर शास्त्री, रामपाल लौरा, विपिन मलिक, संदीप, विक्की मलिक और पाला राम सैन सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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मंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय बातचीत की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने पड़ोसी राममेहर सैन के घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की। साथ ही सड़क हादसे में घायल हुए राममेहर सैन के पुत्र तनुज के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इसके बाद शाम करीब चार बजे राजेश अग्रवाल विपिन मलिक के फार्म हाउस पहुंचे। इसके बाद उन्होंने राखीगढ़ी के पुरातात्विक स्थल टीला-1 और 3 का भ्रमण किया। इस दौरान पुरातात्विक खोदाई, महत्वपूर्ण खोजों और राखीगढ़ी के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने हड़प्पा सभ्यता से जुड़े विभिन्न पहलुओं में गहरी रुचि दिखाई। राखीगढ़ी भ्रमण के बाद अग्रवाल शाम करीब पांच बजे बनभौरी स्थित माता मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हो गए।
राखीगढ़ी की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प :
अग्रवाल ने कहा कि राखीगढ़ी से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने पहली बार गांव आगमन पर खुशी जताते हुए ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हड़प्पा सभ्यता के कारण राखीगढ़ी ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। यहां मिले पुरातात्विक प्रमाण पूरे देश के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राखीगढ़ी प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा और विरासत संरक्षण व विकास के लिए सहयोग जारी रहेगा।
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