हांसी के नागरिक अस्पताल में बच्चों की जांच करतीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ़ निकिता। संवाद
हांसी। उमस और गंदगी के बीच पनप रहे बैक्टीरिया मासूमों की सेहत पर भार पड़ रहे हैं। अस्वच्छ वातावरण के कारण बच्चे त्वचा संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। मवाद से भरे दाने, फोड़े-फुंसियां और घावों से जूझते 5 से 10 बच्चे प्रतिदिन उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं।। चिकित्सकों के अनुसार साफ-सफाई में लापरवाही और उमस भरा मौसम बैक्टीरियल संक्रमण के बढ़ते मामलों की मुख्य वजह है।
अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता दूहन ने बताया कि उमस भरे मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। बच्चे दूषित सतहों या गंदे वातावरण के संपर्क में आते हैं तो वे बैक्टीरियल स्किन इंफेक्शन का शिकार हो जाते हैं। संक्रमण की शुरुआत शरीर पर छोटे-छोटे लाल दानों से होती है जो बाद में मवाद से भर जाते हैं।
इन दानों में तेज खुजली होती है और खुजलाने पर संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है। दाने फूटने के बाद वहां पपड़ी जम जाती है और दर्दनाक घाव या छाले बन जाते हैं। संक्रमण गंभीर होने पर बच्चों को तेज बुखार भी आ सकता है जिससे वह चिड़चिड़े हो जाते हैं और खाना-पीना कम कर देते हैं।
नियमित सफाई रखने की अपील :
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है इसलिए वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के बिस्तर, कपड़े और खिलौनों की नियमित सफाई रखने की अपील की। साथ ही अस्पताल या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को गंदी जमीन और दीवारों के संपर्क में आने से रोकने तथा त्वचा पर दाने या फोड़े दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।