बास। गांव मदनहेड़ी के दो युवकों सोनू और अमन से संपर्क नहीं होने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। सोनू की मौत की पुष्टि नहीं होने से उसके परिजन चिंता में है कि उससे संपर्क क्यों नहीं हो रहा। अभी दोनों युवकों का पता लगाने के लिए भारत सरकार से भी किसी तरह की मदद नहीं मिली है।
शुक्रवार को सोनू और अमन के परिजन दिल्ली से लौट आए। उन्हें विदेश मंत्री से मिलने का समय नहीं मिल पाया। यहां आकर वे एसडीएम विकास यादव से मिलने पहुंचे। सोनू के भाई अनिल ने कहा कि जब तक सरकार या दूतावास से आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, वे मानते हैं कि सोनू अभी जिंदा है। उसका पता लगवाने में मदद करें साहब।
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एमडीएम ने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर हरसंभव प्रयास करेंगे। अनिल ने बताया कि भाई विकास को 19 सितंबर को रूसी भाषा में एक संदेश मिला था, जिसे अनुवाद करने पर पता चला कि भेजने वाला व्यक्ति खुद को एक सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कोर्चागिन दानिल पेत्रोविच बता रहा है। मैसेज में कहा गया कि सोनू 6 सितंबर से लापता है और अब उसका शव रोस्तोव लाया गया है।
यह पूछते हुए संदेश भेजा गया कि उसका अंतिम संस्कार कहां किया जाए। सोनू को मृत मानते हुए उसकी फोटो भेजी, लेकिन वह उसकी नहीं थी। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने बताया कि पिछले 15 दिनों से विदेश मंत्रालय के संपर्क में हूं। दोनों परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है।