बरवाला के गांव बालक में रंजिश के चलते घर में घुसकर मां-बेटे की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचे सुकना देवी और उसके बेटे कुलदीप के शरीर पर गोलियों के 12 निशान मिले हैं।
पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिजनों ने मां-बेटे का शव रात साढ़े 12 बजे घर से उठाने दिया। रात को ही पुलिस शवों को सामान्य अस्पताल लेकर आई और सुबह शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया। गांव में तनाव का माहौल है। पोस्टमार्टम किए जाने तक भी सामान्य अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस को मृतक महिला के बेटे सुरेश और उसके चचेरे भाई निर्मल ने बयान दिए हैं। बयान में सुरेश ने बताया है कि वारदात के समय वे मौके पर मौजूद थे। आरोपी बेखौफ घर में घुसे, जिनमें से आठ लोगों के पास बंदूकें थीं और बाकी अन्य लोगों के पास तेजधार हथियार थे।
घर में घुसते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरेश ने बताया कि हमलावर पूरे परिवार को खत्म करने की फिराक में थे। भाई सुरेंद्र और वह खुद चचेरे भाई निर्मल के घर बैठे थे। जो ठीक उनके अपने घर के सामने था। पहले हमलावार सीधे उनके घर में घुसे और छत पर गए, जहां मां और भाई कुलदीप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर डाली। उसके बाद वे निर्मल के घर पहुंच गए।
उन्होंने सुरेंद्र पर फायरिंग की। सुरेंद्र मौके से भागने लगा। भागते हुए सुरेंद्र को भी गालियां लगी। सुरेश का कहना है कि उसने घर में छुपकर जान बचाई।
सुकना देवी को बाई तरफ छाती पर दो गोलियां लगने के निशान हैं। दाई और बाई बाजू पर पर एक-एक गोलियां लगी हैं। यानी महिला के शरीर पर कुल चार निशान मिले हैं।
कुलदीप के शरीर पर आठ निशान मिले हैं, जिनमें छाती पर चार गोलियों के निशान मिले हैं। इसके अलावा दाहिनी बाजू पर तीन व पेट के दाहिनी तरफ एक निशान है।
पुलिस ने इस मामले में कुल 48 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ताओं ने गन लेकर आने वालों में मोपल, सुनील, बंटी, विजय, राजेंद्र, राकेश, लीला और सतबीर का नाम बताया है। पुलिस ने आठ इन लोगों सहित 44 लोगों को नामजद और चार अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।